जयपुर। राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम प्रबन्धन रोडवेजकर्मियों को राज्य सरकार के अनुरूप सातवें वेतनमान लागू करने की मांग के लिए लगातार प्रयासरत है। इसके लिए विभिन्न बिन्दुओं पर विचार विमर्श कर राज्य सरकार को प्रस्ताव भिजवाया गया है।
राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम प्रबन्धन द्वारा रोडवेज कर्मियों को सातवें वेतनमान का नगद लाभ देने पर लगभग 12.50 करोड़ रू. प्रतिमाह का वित्तीय भार आएगा। इसके लिए निगम की संचालन हानि (Operating Losses ) को दृष्टिगत रखते हुये निगम प्रबन्धन द्वारा दो प्रस्ताव प्रेषित किए गए है: (1) राज्य सरकार रोडवेज को 150 करोड़ रू0 प्रतिवर्ष विशेष ग्राण्ट स्वीकृत करें अथवा (2) राज्य सरकार को डीजल की दरें दुगनी होने पर 2019 में किराया बढाने का प्रस्ताव दिया गया था, जिसका अनुमोदन माननीय मंत्री महोदय द्वारा एक वर्ष पूर्व किया जा चुका है, इसका नोटिफिकेशन कर दिया जावे तो रोडवेज प्रबन्धन द्वारा अपने स्तर पर सातवां वेतन आयोग का लाभ कर्मचारियो को दिया जा सकता है।
रोडवेज प्रबन्धन आशा करता है कि इन प्रस्तावों पर समुचित समय में निर्णय कर दिया जावेगा, जिससे सातवां वेतनमान का लाभ रोडवेज कर्मियों को दिया जा सकेगा। यहां यह उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ दिये जाने के पष्चात् लगभग सभी बोर्ड, राजकीय उपक्रम, संस्थानों में दिया जा चुका है। राजस्थान रोडवेज ही बड़ा राजकीय उपक्रम हैं जहां कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ नहीं मिला है।
