जयपुर : सबक के मंच पर जब तीन पीढ़ियों के तबला कलाकारों ने अपनी उंगलियों का जादू चलाया तो कायनात भी तबले की तिरकिट से महक उठी। मौका था गुलज़ार वायलिन अकादमी के सबक के शास्त्रीय संगीत कार्यक्रम में वरिष्ठ तबला वादक उस्ताद इंतजार हुसैन एवं उनके शिष्य व पुत्र युवा तबला नवाज मेराज हुसैन व पौत्र जेयान हुसैन ने अपना तबला वादन तीन ताल में प्रस्तुत किया। तीनों कलाकारों ने उठान, पेशकार ,चाला कायदे, रेला, गते उस्ताद काले खान साहब द्वारा रचित कायदा बजाया तो वहां बैठे दर्शक और ऑनलाइन दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से इनका हौसला अफजाई की।
उस्ताद इंतजार हुसैन साहब ने दिल्ली घराने का कायदा और अजराड़ा घराने की विशेष तकनीक के बोलो को प्रस्तुत कर माहौल को खुशनुमा बना दिया। इनके तबले में तजुर्बा और बड़े उस्तादों का वादन देखने को मिला, वही मेराज के वादन में रियाज और जेयान के वादन में साधना और दादा का सबक देखने को मिला। तीनों ने अपनी उंगलियों से सुरीला तबला वादन पेश किया। इनके साथ मोहम्मद उमर ने दिलरुबा पर नगमे की शानदार संगत की। कार्यक्रम के प्रारंभ में मोहम्मद मलिक में राग मिश्र खमाज में मीराबाई का भजन सांवरा म्हारी प्रीत निभा जो जी प्रस्तुत किया। मंच संचालन आर डी अग्रवाल ने किया।
इस अवसर पर उस्ताद काले खा पुरस्कार मरणोपरांत स्वर्गीय पंडित राजेंद्र भट्ट, स्वर्गीय उस्ताद अमीर मोहम्मद खां एवं स्वर्गीय उस्ताद हिदायत खाँ को दिया गया। उनके पुत्र पंडित आलोक भट्ट, उस्ताद जफर मोहम्मद वे उस्ताद जाफर खाँ ने ग्रहण किया किया इस अवसर पर सबक द्वारा दिए जाने वाली उपाधि में सुर सिंगार रत्न उपाधि उस्ताद इंतजार हुसैन श्रेष्ठ साधक उपाधि मेराज हुसैन, मलिक एवं ज़ेयाँन हुसैन को उदयीमान साधक उपाधि से सम्मानित किया गया कार्यक्रम के समापन पर गुलज़ार हुसैन व सबक़ , ध्रुव स्कूल सभी सदस्यों ने कलाकारों का आभार व्यक्त किया सबक सीरीज हर महीने आयोजित की जाती है जिसमें युवा कलाकारों के साथ वरिष्ठ कलाकारों को सभा के मंच पर आमंत्रित किया जाता है।
