जयपुर : प्रदेश में एसीबी ने दो अलग-अलग जगह बड़ी कार्रवाई करते हुए एक हेड कांस्टेबल और अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथो गिरफ्तार किया। जोधपुर एसीबी ने बनाड़ थाने के हेड कांस्टेबल को ट्रेप किया। ट्रेप के दौरान हेड कांस्टेबल एसआई परीक्षा की ड्यूटी में तैनात था और कार्रवाई के दौरान रिश्वत की 10 हजार रुपए की राशि उसके पास से जब्त की गई। हेड कांस्टेबल ने चोरी के मामले में एफआर लगाने के एवज में रिश्वत मांगी थी। इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरों में दी। शिकायत की जांच के बाद प्रमाणित होने पर आज एसीबी ने कार्रवाई कर हेड कांस्टेबल को ट्रेप किया। एसीबी हेड कांस्टेबल से पूछताछ कर रही है।
बीजेएस निवासी विजय सिंह ने उचियारड़ा के खसरा नम्बर 17 में कुछ लोग द्वार अतिक्रमण की शिकायत बनाड़ थाने में दर्ज करवाई। उसने सरपंच पति हरिराम व वार्ड पंच गजेन्द्र सिंह के खिलाफ मामला दर्ज करवाया। जिसकी जांच डिगाड़ी चौकी के हेड कांस्टेबल नेनाराम ने की।इस दौरान नेना राम ने मामले में दर्ज आरोपियों से विजय सिंह का राज़ीनामा करवा एवज में 20 हजार रुपए दिए और उसी समय हेड कांस्टेबल ने 6 हजार विजय सिंह से वापस ले लिए और बाकी राशि देने का दबाव बनाता रहा। इस बीच परिवादी के खिलाफ वार्ड पंच द्वारा चोरी का मुकदमा दर्ज करवाया, जिसकी जांच भी हेड कांस्टेबल नेनाराम कर रहा था। इस मामले में में एफआर लगाने के एवज में हेड कांस्टेबल ने 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी, जिसकी शिकायत एसीबी में की। 13 सितम्बर को शिकायत का सत्यापन होने के बाद बुधवार को ट्रेप की कार्रवाई की गई।
सीकर: PWD का AAO 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते ट्रैप
वहीं, एसीबी ने कार्रवाई करते हुए सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता खंड सीकर में कार्यरत अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी चतरुराम को 20 हजार की रिश्वत राशि लेते गिरफ्तार किया है।
एसीबी के डीएसपी जाकिर अख्तर ने बताया कि परिवादी मोहनलाल जो कि पीडब्ल्यूडी में ठेकेदार है उसके करीब 1 साल से 45 लाख रुपए के बिल अटके हुए पड़े थे, इन बिलों के भुगतान की एवज में प्रशासनिक अधिकारी चतरुराम ने 82 हजार रु मांगे थे। जिसमें 50 हजार रु में सौदा तय हुआ जिसकी पहली किस 25 हजार देना था। एसीबी ने 20 हजार की रिश्वत राशि लेते प्रशासनिक अधिकारी चतरुराम को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। 7 सितंबर को परिवादी ने एसीबी कार्यालय में रिश्वत राशि की मांग करने की शिकायत की थी। एसीबी ने 14 तारिख को इसका सत्यापन किया और आज इसे कार्यालय से ही गिरफ्तार किया गया।
