मैसूर : कर्नाटक के मैसूर जिले में मंदिर तोड़ने के मुद्दे पर विवाद खड़ा हो गया है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने अधिकारियों को जल्दबाजी में कोई मंदिर ना गिराने का आदेश दिया है। साथ ही उन्होंने मैसूर में मंदिर तोड़ने को लेकर मैसूर डीसी और तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत मैसूर के नंजनगुड स्थित मंदिर को गिराया गया। इसे लेकर राज्य में सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस लगातार इस मुद्दे पर भाजपा सरकार पर निशाना साध रही है। ऐसे में इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री बोम्मई ने अपनी प्रतिक्रिया दी।
जल्दबाजी में ना गिराए जाएं मंदिर
बोम्मई ने कहा, मंदिर ढहाने के मुद्दे पर विधानसभा में चर्चा की जाएगी। उन्होंने बताया कि सरकार ने मंदिर को गिराने से पहले लोगों को विश्वास में नहीं लेने के लिए मैसूर डीसी और तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्होंने आदेश दिया, कर्नाटक में कोई भी मंदिर जल्दबाजी और आपात स्थिति में नहीं गिराया जाएगा। सीएम बोम्मई ने कहा, हम इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश को देखेंगे और जल्द निर्देश जारी करेंगे। हम इस मुद्दे पर कैबिनेट में भी चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा, राज्य में कोई भी मंदिर जल्दबाजी में ना गिराया जाए। इसके लिए सरकार दो दिन में गाइडलाइन जारी करेगी।
