मुजफ्फरनगर : उत्तरप्रदेश के मुजफ्फरनगर में किसानों की महापंचायत हो रही है। ये महापंचायत जीआईसी ग्राउंड पर हो रही है, जिसमें शामिल होने के लिए यूपी के अलावा पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, कर्नाटक जैसे 15 राज्यों से किसानों के जुटने का दावा है। दिल्ली के बॉर्डर पर जो लंबे समय से आंदोलन चल रहे हैं वहां से भी किसान इस महापंचायत में शामिल होने जा रहे हैं। संयुक्त किसान मोर्चा का दावा है कि ये अब तक की सबसे बड़ी महापंचायत होगी। वहीं, महापंचायत को देखते हुए मुजफ्फरनगर में सुरक्षा भी कड़ी है। संयुक्त किसान मोर्चा का कहना है कि यहां जुटी भीड़ किसानों की ‘ताकत’ दिखाती है। किसान तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग पर अड़े हुए हैं।
मुजफ्फरनगर की सड़कों पर लगा जाम
मुजफ्फरनगर की सड़कों पर सैकड़ों-हजारों की तादाद में किसान जुटे हैं। बताया जा रहा है कि जीआईसी मैदान पर ही लाखों किसान बैठे हैं और इतने ही किसान बाहर भी हैं। मुजफ्फरनगर की सड़कों पर पैर रखने की जगह नहीं है।
10 महीने बाद मुजफ्फरनगर आए राकेश टिकैत
राकेश टिकैत 10 महीने बाद मुजफ्फरनगर पहुंचे। टिकैत मुजफ्फरनगर के ही रहने वाले हैं और जब से किसान आंदोलन शुरू हुआ है, तब से उन्होंने यहां कदम नहीं रखा है। टिकैत ने बताया, ‘जब से आंदोलन शुरू हुआ है तब से मैं पहली बार मुजफ्फरनगर जा रहा हूं और वो भी गलियारे से जाऊंगा। वहां की जमीन पर कदम भी नहीं रखूंगा और अपने घर की तरफ देख लूंगा, वहां के लोगों को देख लूंगा।’
उन्होंने कहा, ‘इसे आप जो भी समझे लेकिन जब तक कानून वापसी नहीं तब तक घर वापसी नहीं। जो लोग आजादी की लड़ाई के लिए लड़े, उन्हें काला पानी की सजा हुई तो वो कभी घर गए ही नहीं गए। ये भी एक तरीके का काला कानून है और जब तक कृषि कानून वापस नहीं होंगे तब तक घर नहीं जाएंगे।
वरुण गांधी बोले- हमें किसानों के दर्द को समझने की जरुरत
बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने ट्वीट कर किसानों के दर्द को समझने की बात कही है। उन्होंने लिखा, ‘मुजफ्फरनगर में आज प्रदर्शन के लिए लाखों किसान जुटे हैं। वो हमारा अपना ही खून हैं। हमें उनके साथ फिर से सम्मानजनक तरीके से जुड़ने की जरूरत है। उनका दर्द समझें, उनका नजरिया देखें और जमीन तक पहुंचने के लिए उनके साथ काम करें।’
Lakhs of farmers have gathered in protest today, in Muzaffarnagar. They are our own flesh and blood. We need to start re-engaging with them in a respectful manner: understand their pain, their point of view and work with them in reaching common ground. pic.twitter.com/ZIgg1CGZLn
— Varun Gandhi (@varungandhi80) September 5, 2021

