जयपुर: राज्य में अब निजी खातेदारी में खातेदारों के रजिस्टर्ड सहमतिधारकों को भी खनन पट्टा और क्वारी लाइसेंस जारी किए जा सकेंगे। अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम डाॅ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि राज्य सरकार ने राजस्थान माइनर मिनरल कन्सेशन रुल्स, 2017 ‘‘आरआरएमसी रुल्स‘‘ में आवश्यक संशोधन कर नए प्रावधान लागू कर दिए हैं। इससे राज्य में खनिज व खनन विकास की विपुल संभावनाएं धरातल पर आकार ले सकेंगी। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही खानों की आक्शन प्रक्रिया को और अधिक व्यावहारिक बनाया गया है जिससे आक्शन विफल करने के प्रयासों पर भी रोक लग सकेगी।
खान मंत्री प्रमोद जैन भाया ने बताया कि नए प्रावधानों की अधिसूचना जारी कर खान विभाग की बजट घोषणा को अमली जामा पहनाया गया है। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही आवश्यक संशोधन करने से खनन गतिविधियां और अधिक पारदर्शी, गतिशील व सहभागितापूर्ण बनाई गई है। इससे राज्य में खातेदारी भूमि पर खनन गतिविधियों में स्थानीय युवा भागीदारी बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि संशोधन से पहले निजी खातेदारी में खातेदार को ही खनन अनुमति मिलती थी।
अतिरिक्त मुख्य सचिव डाॅ. अग्रवाल ने बताया कि खातेदारी भूमि पर खनन कार्य में सहमतिधारक की भागीदारी से वैज्ञानिक तरीके से खनन होगा और खनन गतिविधियों में नई तकनीक का प्रयोग होने से अधिक लाभ व राजस्व मिलेगा। एक मोटे अनुमान के अनुसार इससे लगभग 2 हजार नए खनन पट्रटे या क्वारी लाइसेंस जारी होने की संभावना हैा उन्होंने बताया कि नए प्रावधानों से खानों की नीलामी प्रक्रिया को विफल करने के प्रयासों पर भी रोक लगाने की व्यवस्था की गई है।
इसी तरह से पहली बार में नीलामी के दौरान दो से कम बोली आने पर दुबारा नीलामी की स्थिति में भी दो से कम बोली आने की स्थिति में नीलामी को निरस्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी तक इस तरह की स्थितियां जानबूझकर लाई जाती रही है और इससे वैध खनन गतिविधियां प्रभावित होती है।
