जयपुर। चाकसू से पायलट समर्थक कांग्रेस विधायक वेदप्रकाश सोलंकी ने दूदू से गहलोत समर्थक निर्दलीय विधायक बाबूलाल नागर की ओर से उठाए गए सवालों पर पलटवार करते हुए नागर से ही जबाव मांगा कि वे खुद ही बताए कि 2018 में उनका टिकट किसने और क्यों कांटा था। इसके लिए तो फिर आलाकमान को आपसे ही माफी मांगनी चाहिए। टिकट तो कटना ही था। कौनसा कारगिल का युद्ध जीतकर आए थे। महिला के चीरहरण के कारण सलाखों के पीछे जेल में थे और उसके कारण टिकट कटा था। उसके बाद भी उनके भाई को टिकट दिया। इस बार वे कांग्रेस के पक्ष में क्यों नहीं चुनाव मैदान से हटे। टिकट तो हाईकोर्ट ने प्रसंज्ञान ले लिया था तब काटना पड़ा था हाईकमान को। नागर खुद कांग्रेस को मां कहते हैं तो फिर पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के सामने बागी चुनाव क्यों लड़ा? नागर जमानत जब्त करने वालों को टिकट देने की बात कह रहे हैं, तो दूदू में कांग्रेस का उम्मीदवार इसलिए हारा क्योंकि नागर बागी खड़े हो गए। नागर बागी खड़े नहीं होते तो कांग्रेस का उम्मीदवार जीतता। माफी तो बाबूलाल नागर को मांगनी चाहिए जिन्होंने कांग्रेस से बगावत की।
नागर को पार्टी के अंदरूनी मामले में बोलने का अधिकार नहीं
यह तो आलाकमान की दरियादिली समझिए कि आपके जेल में होने के बावजूद आलाकमान ने आपके भाई को टिकट दिया था। कांग्रेस की बात करने वाले हाथ के निशान पर जीत कर आते तब ये बाते करते। सोलंकी ने नागर की ओर से पायलट टीम पर लगाएं आरोपों का जबाव देते हुए पत्रकारों से कहा कि पहली बात तो निर्दलीय विधायक के नाते नागर को कांग्रेस पार्टी के अंदरूनी मामले में बोलने का अधिकार किसने दिया। आप अगर कांग्रेस के निष्ठावान सिपाही अपने आपको मानते हैं तो कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी के सामने पार्टी से बगावत कर निर्दलीय चुनाव ही नहीं लड़ना चाहिए था।
नागर पायलट के फोटो व बैनर क्यों लगाते हैं
सोलंकी ने नागर से पूछा कि पायलट पर आरोप लगाने वाले दूदू के प्रत्येक कार्यक्रम में पायलट के फोटो व बैनर क्यों लगाते हैं। दो दिन पहले दूदू कार्यक्रम में जिसमे डोटासरा भी गए थे। उस कार्यक्रम में नागर ने मंच पर सचिन पायलट का फोटो लगा रखा था। सचिन पायलट अगर लोकप्रिय नहीं है और जनता में पकड़ नहीं है तो नागर ने उनका फोटो क्यों लगा रखा था।
बजरी में एसओजी में मुकदमा चला गया। पानी की जांच की आंच आई तब वे क्यों बोल रहे हैं। दो तरफा बात नहीं चलेगी। नागर ने जांच की आंच पहुंचने से पहले ही सचिन पायलट के खिलाफ बयान दिया है। नागर की कोई नस दबी हुई है इसीलिए पायलट के खिलाफ बयान दिया है। मैं गर्व से कहता हूं कि पायलट के कारण जीता हूं। मुझे टिकट नहीं मिला तो कांग्रेस के साथ खड़ा था। अपमान करने वाले को माफी मांगनी चाहिए। पायलट के योगदान को चुन्नीदा लोग भूला नहीं सकते। उन्हें तो पूरी जनता से माफी मांगनी चाहिए। ढाई साल तक नहीं बोलने वाले अब क्यों बोले।
2013 में पार्टी 21 सीटों पर सिमट गई उसके लिए जो दोषी है वो भी माफी मांगे
सोलंकी ने पूछा कि आपने किस नेता के प्रवक्ता बनकर 2018 के चुनाव में टिकट वितरण को लेकर सवाल उठाए। 2018 के लिए माफी मांगने की बात कहने वाले नागर 2013 में पार्टी की करारी हार के लिए किससे माफी मंगवाएँगे। साफ तो करें कि कौनसे सन की जांच करवाना चाहते हैं। असल मे माफी तो 2013 में पार्टी 21 सीटों पर सिमट गई उसके लिए जो भी दोषी है उनको सबसे पहले माफी मांगनी चाहिए।
2018 चुनाव में कांग्रेस को सत्ता में लाने में सचिन पायलट के योगदान को यूं ही भुलाया नहीं जा सकता। पायलट ने सड़कों पर संघर्ष किया है और लाठियां खाई है। कार्यकर्ताओं के संघर्ष को दरकिनार करने वाले नेताओं को माफी मांगने की जरूरत है। मैं नहीं कहता कि अन्य नेताओं का योगदान नहीं था पर पायलट का सबसे अधिक योगदान रहा।
सोलंकी ने कहा, आदरणीय पायलट साहब के साथ खड़े हम सब विधायक तो पहले भी कांग्रेस की जाजम पर ही बैठे थे और आने वाले कल में भी हम कांग्रेस की जाजम पर बैठे मिलेंगे। कांग्रेस छोड़ बागी बने बाबूलाल नागर जी ही बताए कि वे कौनसी जाजम की बात कर रहे हैं? कांग्रेस की जाजम तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं की है वो ही बैठेंगे।
निष्ठावान विधायकों को हथकंडे अपनाने वाले कहने वाले नागर अपने गिरेबान में झांककर देखे
चाकसू विधायक वेद प्रकाश सोलंकी ने कहा कि कांग्रेस के 19 निष्ठावान विधायकों को हथकंडे अपनाने वाले कहने वाले नागर अपने गिरेबान में झांककर देखे। बगावती तो वो हैं, जिन्होंने पार्टी से विद्रोह कर चुनाव लड़ा। हर गलती कीमत मांगती है कहने वाले नागर स्वयं ही बता दे कि वे अपनी इन गलतियों के लिए अपने लिए कौनसी सजा तय करेंगे। मंत्री बनने की लालसा में नागर किसके इशारे पर ये सब बोल रहे हैं यह प्रदेश की जनता अच्छी तरह से जानती हैं।
सोलंकी ने आरोप लगाया कि नागर जिस अनुसूचित जाति वर्ग से आते हैं उन्होंने उसका ही आज तक कोई भला नहीं किया तो उनसे आमजन तो क्या उम्मीद कर सकते हैं। सोलंकी ने कहा, वे एक भी काम गिना दे कि अजा वर्ग के लिए यह बड़ा निर्णय कांग्रेस की सरकार में रहते हुए करवाया।
अब निर्दलीय बाबूलाल नागर ने पायलट व समर्थकों पर हमला बोला, कहा उन्हें तो माफी मांगनी चाहिए
