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शिक्षा विभाग: राजस्थान में भी जल्द लागू होगी नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति, मसौदा अंतिम चरण में

शिक्षा विभाग: राजस्थान में भी जल्द लागू होगी नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति, मसौदा अंतिम चरण में शिक्षा विभाग (File Photo)

बीकानेर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 21वीं सदी की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को साल 2020 (NEP2020) में मंजूरी दी गई। यह बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि 34 सालों से शिक्षा नीति में कोई परिवर्तन नहीं हुआ था लेकिन इस शिक्षा नीति के निर्माण में राजस्थान सरकार की भी अहम भूमिका रही है। अब राजस्थान सरकार नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP2020) को लागू करने जा रहा है जिसको लेकर शिक्षा विभाग का मसौदा अंतिम चरण में है। नई शिक्षा नीति (NEP2020) 10+2 के स्थान पर अब 5+3+3+4 की होगी।शिक्षा निदेशक आईएएस सौरभ स्वामी ने बताया किअब सरकारी स्कूलों में भी प्री प्राइमरी कक्षाएं प्रारंभ करने की तैयारी है जिसको बालवाटिका नाम दिया जाएगा। शिक्षा विभाग ने भी नए प्रावधानों के आधार पर तैयारी प्रारंभ कर दी है।

स्कूली शिक्षा संबंधी प्रावधान
  • नई शिक्षा नीति में 5 + 3 + 3 + 4 डिज़ाइन वाले शैक्षणिक संरचना का प्रस्ताव किया गया है जो 3 से 18 वर्ष की आयु वाले बच्चों को शामिल करता है।
  • पाँच वर्ष की फाउंडेशनल स्टेज (Foundational Stage) – 3 साल का प्री-प्राइमरी स्कूल और ग्रेड 1, 2
  • तीन वर्ष का प्रीपेट्रेरी स्टेज (Prepatratory Stage)
  • तीन वर्ष का मध्य (या उच्च प्राथमिक) चरण – ग्रेड 6, 7, 8 और
  • 4 वर्ष का उच्च (या माध्यमिक) चरण – ग्रेड 9, 10, 11, 12
नई शिक्षा नीति के अनुसार

स्वामी ने बताया की नए शिक्षा नीति के अनुसार 3 से 8 साल तक के बच्चों के लिए फाउंडेशन स्टेज होगा इसमें दो साल आंगनबाड़ी के होंगे। इसके बाद एक साल बालवाटिका का और फिर पहली और दूसरी कक्षा होगी। यह तीनों कक्षाएं स्कूल में संचालित होगी। इसके बाद तीन साल तीसरी से पांचवीं तक, तीन साल छठी से आठवीं तक और 4 साल नवीं से बारहवीं तक का प्रावधान रहेगा।

बालवाटिका के लिए इनकी होगी भूमिका

बालवाटिका के लिए महिला बाल विकास विभाग की ओर से प्रशिक्षण देकर शिक्षा विभाग की मांग के अनुसार शिक्षक उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान रखा जाएगा। इससे सरकारी स्कूलों में भी प्री प्राइमरी कक्षाएं प्रारंभ हो सकेंगी। हालांकि शिक्षा विभाग के सामने प्री प्राइमरी के लिए योग्य शिक्षकों की कमी रहेगी। इसके लिए उसे महिला बाल विकास विभाग के भरोसे रहना पड़ेगा। बालवाटिका के लिए शिक्षकों की व्यवस्था का काम पूर्व प्राथमिक शिक्षक भर्ती के जरिए महिला बाल विकास विभाग का रहेगा।

प्रदेश मे आंगनबाड़ी की स्थिति

प्रदेश में वर्तमान में 61613 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित है। इनमें से 18565 आंगनबाड़ी केंद्र पहले से ही स्कूलों में चल रहे हैं। अन्य में 25810 विभागीय भवन में और 10553 किराए के भवनों में चल रहे हैं।

आपको बता दे राजस्थान सरकार की ओर से भी नीति निर्माण के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए थे जिन्हें इस नीति में शामिल किया गया है। नई शिक्षा नीति में गुणवत्ता, नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। राजस्थान में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। शिक्षा के लिए आवश्यक राष्ट्रीय भावनाओं और राष्ट्रीयताओं का समावेश राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) में परिलक्षित हो रहा है।

 

 

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