नई दिल्ली : CBSE की तरह देश के कई राज्यों के बोर्ड ने अपनी 10वीं 12वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। इसी के साथ ही कई राज्यों ने बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम तैयार करने का फॉर्मूला भी घोषित कर चुके है। अब 12वीं कक्षाओं के छात्रों को बेसब्री से उनका रिजल्ट घोषित होने का इंतजार है। वहीं आज सुप्रीम कोर्ट में बोर्ड परीक्षाओं को लेकर हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि सभी स्टेट बोर्ड्स को आदेश दिया जाता है कि 31 जुलाई से पहले नतीजे घोषित कर दिए जाए। जिससे छात्रों को कॉलेज में एडमिशन लेने में सहूलियत प्राप्त हो सके। जिससे छात्रों के कॉलेज एडमिशन में कोई दिक्कत ना आ सके
आंतरिक मूल्यांकन को 10 दिनों के अंदर किया जाए तैयार
बता दें कि सर्वोच्च अदालत ने आज कहा कि राज्य बोर्ड को कक्षा 12 की परीक्षाओं के लिए एक आंतरिक मूल्यांकन योजना तैयार करे और मूल्यांकन के आधार पर परिणाम 31 जुलाई तक घोषित करे। इसी के साथ ही शीर्ष अदालत ने कहा कि आंतरिक मूल्यांकन को 10 दिनों के अंदर-अंदर तैयार किया जाना चाहिए। जिससे रिजल्ट जल्दी आ सके और कॉलेजो में एडमिशन स्टार्ट हो सके। जिसके तहत छात्र अपने आगे के भविष्य पर केंद्रित हो सके।
बता दे कि इस महीने की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट ने CBSE और CISCE बोर्डों को छात्रों के इवैल्यूएशन के लिए वैकल्पिक मूल्यांकन मानदंड तैयार करने का कहा था। दोनों ही बोर्डों ने पिछले सप्ताह मूल्यांकन मानदंड की जानकारी सुप्रीम कोर्ट में दी थी। जिसे शीर्ष अदालत ने मंजूरी दी और “निष्पक्ष और उचित” कहा था। बता दें कि राज्य बोर्डों की तरह सीबीएसई और सीआईएससीई द्वारा आयोजित मेन एग्जाम्स के रिजल्ट भी 31 जुलाई तक घोषित करने होंगे।
21 राज्यों ने बोर्ड परीक्षा की रद्द
बोर्ड एग्जाम अब तक 21 राज्यों ने रद्द की है और 6 राज्यों ने कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा आयोजित की है। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले उन राज्यों को नोटिस जारी किया था। जिन्होंने अभी तक अपनी बोर्ड परीक्षा रद्द नहीं करी थी।
