जयपुर। राजस्थान के शिक्षामंत्री और देश की एक प्रमुख पार्टी कांग्रेस के प्रदेश मुखिया गोविन्दसिंह डोटासरा को कम्प्यूटर शिक्षा के बारे में कितना ज्ञान है उसकी एक मजेदार बानगी एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू से देखने को मिली। उनसे जब पूछा गया कि कम्प्यूटर में बी-टेक किए हुए अभ्यर्थियों की शिक्षक के रूप में स्थाई भर्ती क्यों नहीं करते तो उनका जवाब था कि जब तक बी-टेक वाला अभ्यर्थी रीट या टेट नहीं कर ले तब तक उसकी स्थाई भर्ती नहीं की जा सकती। कानून ही ऐसा बना हुआ है मुझे इस बारे में जानकारी है तब बता रहा हूं।
इनमें होती है सीधी भर्ती
डोटासरा ने यहां तक दावा कर डाला कि पूरे हिन्दुस्तान में कम्प्यूटर हो या अन्य किसी विषय में कहीं भी शिक्षक की नौकरी बिना रीट या टेट के नहीं मिल सकती, जबकि हकीकत कुछ और है। पहले तो कम्प्यूटर में बी-एड होता ही नहीं।बी-एड करके ही रीट में बैठा जा सकता हैं। दूसरा देशभर की उन्होंने जो बात की वह भी सही नहीं, क्योंकि केन्द्रीय विद्यालय और दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड कम्प्यूटर शिक्षकों की एक पेपर करवा सीधी भर्ती करता आ रहा है।
ट्वीट की बानगी…
शिक्षामंत्री अपने इसी वक्तव्य पर ट्वीटर पर ऐसे घिर गए कि कम्प्यूटर शिक्षकों को नियमित करने की मांग को लेकर वर्चुअल आंदोलनरत अभ्यर्थियों ने इस बारे में उनके ज्ञान की जमकर खिल्ली उड़ाई। अभ्यर्थियों ने केन्द्रीय विद्यालय व अन्य राज्यों में हो रही कम्प्यूटर शिक्षक भर्ती के वैकेंसी को ट्वीटर पर पिन कर रखा हैं। अभ्यूर्थियों ने इस बारे में जो ट्वीट कर रखे है वे ये हैं।

डोटासरा दो दिनों से ही इस मसले पर ट्रोल हो रहे हैं। सबसे मजेदार बात यह है कि उन्होंने जिस निजी चैनल के ट्वीट को रिट्वीट कर रखा है, उसका कमेंट बॉक्स डोटासरा के कम्प्यूटर शिक्षकों की भर्ती से ज्ञान पर प्रतिक्रियाओं से ही भरा पड़ा हैं। साढ़े चौदह हजार से अधिक प्रतिक्रिया और इन प्रतिक्रियाओं में भी अधिकांश खिलाफ होने के बाद भी डोटासरा का ध्यान ना तो अपनी गलती पर गया है और ना ही उस ट्वीट को उन्होंने हटाया है।
शिक्षा मंत्री का इस संबंध में दिया गया इंटरव्यू इस लिंक पर क्लिक कर देखे LINK
सीनियर कॉमर्स में है कम्प्यूटर मुख्य विषय
इसी इंटरव्यू में डोटासरा ने ये भी कहा कि कम्प्यूटर के नम्बर परीक्षा में जुड़ते ही नहींं, जबकि वास्तविकता ये है कि सीनियर सैकंडरी कॉमर्स में कम्प्यूटर मुख्य विषय है और उसके बकायदा नम्बर जुड़ते हैं।

सोलह माह बित गए केडर बना नहीं
आपको यह भी बता दे कि कांग्रेस के जनघोषणा पत्र के अनुसार सरकार ने आज से 16 माह पूर्व कम्प्यूटर शिक्षकों का अलग से कैडर बनाने की घोषणा कर रखी है, लेकिन उस दिशा में अभी तक फाइल आगे नहीं बढ़ी। वर्तमान में जो कम्प्यूटर शिक्षक कार्यरत है वे सब संविदा पर कार्यरत है और ये शिक्षक ही नियमित करने की मांग उठा रहे हैं।
कृषि विज्ञान में भी कुछ ऐसा ही झगड़ा
कृषि विज्ञान में ग्रेजुएट को व्याख्याता बनने के लिए बीएड करना जरूरी कर रखा है। ये अभ्यर्थी भी इसे गलत करार दे रहे है। इन अभ्यर्थियों का कहना है कि कृषि विज्ञान एक प्रोफेशनल कोर्स है उसमें बीएड की अनिवार्यता नहीं होती। चाकसू से कांगे्रस विधायक वेद प्रकाश सोलंकी ने भी इस मसले पर ट्वीट कर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से कृषि विज्ञान वालों के लिए बीएड की अनिवार्यता हटाने की मांग की हैं।
मुख्यमंत्री @ashokgehlot51 जी, कृषि विज्ञान एक प्रोफेसनल कोर्स है और प्रोफेशनल कोर्स में B.ed. की अनिवार्यता नहीं होती है, अत: आपसे निवेदन है कि B.ed. की अनिवार्यता समाप्त करे या चयनित अभ्यर्थियों को राहत दे।#कृषि_व्याख्याता_बीएड_अनिवार्यता_हटाओ
— Ved Prakash Solanki (@Ved_Solanki1) June 18, 2021
