जयपुर। राज्य में खनन गतिविधियों से राजस्व बढ़ाने के लिए समन्वित कार्ययोजना तैयार की जा रही है। एसीएस डाॅ. अग्रवाल अवैद्य खनन गतिविधियों पर पुलिस-प्रशासन के सहयोग से कारगर रोक के लिए योजनावद्ध व समन्वित कदम उठाने कि व्यूह रचना बनाने में जुटे हैं।
शुरुआती दो माहों में रेकार्ड 614 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित
एसीएस डाॅ. अग्रवाल बुधवार को माइंस विभाग के अधिकारियों से वीडियो काॅन्फ्रेसिंग के माध्यम से रुबरु भी हुए। उन्होंने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर के बावजूद खान विभाग ने चालू वित वर्ष के शुरुआती दो माहों में रेकार्ड 614 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया है जो सामान्य वर्ष 2019-20 के शुरुआती दो माहों से भी अधिक है। उन्होंने बताया कि कोविड के बावजूद समन्वित प्रयासों से ही अधिक राजस्व अर्जन हो सका है। इसके लिए अधिकारियों को बधाई भी दी। खनिज विभाग की एमनेस्टी योजना में 30 मार्च, 21 तक 2052 प्रकरणों का निस्तारण करते हुए रिकॉर्ड 44 करोड़ 5 लाख रुपए से अधिक की राशि वसूल की गई है।
एक सप्ताह में होगी चार मेजर मिनरल ब्लाॅकों की नीलामी कार्यवाही
निदेशक माइंस केबी पण्डया ने बताया कि राज्य में नीलामी के लिए मजर मिनरल के लगभग तैयार चार ब्लाकों की नीलामी की कार्यवाही एक सप्ताह में शुरु कर दी जाएगी। इसी तरह से नीलामी के लिए नए ब्लाॅक तैयार करने व उनकी नीलामी के कार्य में तेजी लाई जा रही है। निदेशक माइंस पण्डया के साथ जयपुर से बीएस सोढा, प्रदीप अग्रवाल, एसएमईई महेश माथुर, आलोक जैन आदि ने हिस्सा लिया। बैठक में खान निदेशालय उदयपुर, सभी अतिरिक्त निदेशक कार्यालयों के साथ ही एसएमई, एमई और एएमई कार्यालयों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
