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बच्चे खेल-खेल में ले रहे हैं भारतीय परम्परा और संस्कारों का ज्ञान

कोलकाता। भारतीय परम्परा और संस्कारों की बात तो की जाती है, लेकिन नई पीढ़ी को इन संस्कारों में ढालने वाला कोई नहीं। स्वामी गोविन्द गिरी जी के सान्निध्य में गीता परिवार के तत्वावधान मेें ऑनलाइन वीडियो के माध्यम से ई-संस्कार वाटिका का आयोजन कर एक ऐसा अनूठा प्रयोग किया गया है। जिसमें बच्चे ना केवल बढ़-चढ़कर रुचि दिखा रहे है, अपितु विभिन्न विषयों को चैलेंज के रूप में स्वीकार कर इनाम जीत अपने आपको श्रेष्ठ भी साबित कर रहे हैं। कोरोनाकाल में घर की चार दीवारी में लम्बे समय से बंद स्ट्रेस व मानसिक अवसाद से पीडि़त बच्चों के चेहरों पर एक अलग ही तरह की मुस्कान नजर आ रही हैं।
भारतीय परम्परा और संस्कारों सशक्त और संस्कारित परिवार, समाज व राष्ट्र की नींव को सींचने का अनूठा प्रकल्प

पन्द्रह दिवसीय ई-संस्कार वाटिका के इस अनूठे आयोजन से 43 देशों से 2.77 लाख बालक-बालिकाएं जुड़े हुए हैं। इसमें 50 हजार बच्चे विप्र फाउंडेशन परिवार से हैं। इमसें विप्र फाउंडेशन महिला प्रकोष्ठ सहयोगी संस्था के रूप में जुड़ा हुआ है। विप्र फाउंडेशन महिला प्रकोष्ठ की दुर्गा व्यास ने बताया कि कोरोनाकाल में घरों की चारदीवारी में बंधे बचपन को इस आयोजन के माध्यम से विविध उपयोगी विषयों को सीखने, समझने और अपनाने की कोशिश करने में जो आनन्द आ रहा है वह अवर्णनीय है। यह आयोजन एक सशक्त और संस्कारित परिवार, समाज व राष्ट्र की नींव को सींचने का अनूठा प्रकल्प है।

भारतीय परम्परा और संस्कारों

श्रेष्ठ सौ बच्चों को प्रतिदिन पुरुस्कृत

व्यास ने बताया कि ई संस्कार से जुड़े बच्चों को प्रतिदिन कई वीडियो उपलब्ध करवाये जाते है जिनमें भारतीय परम्परा के अनुसार अपना जन्म दिन कैसे मनाएं, क्राफ्ट, पौराणिक कथा, कहानी जैसे एक विषय एक दिन के लिए दिये जाते है। इसमें ऑनलाइन क्लास की तरह निर्धारित समय पर जुडऩे जैसी कोई बाध्यता भी नहीं। बच्चे अपनी स्वेच्छा से समय के अनुसार इस वीडियों को देख सकते है। हां प्रतिदिन आपने क्या सीखा है इसकी प्रतियोगिता के लिए तैयार रहना पड़ता है और अपना विषय विशेष के बारे में ऑनलाइन प्रत्युत्तर दे प्रतिस्पद्र्धा में भाग लेना होता है। फेल कोई नहीं होता पर श्रेष्ठ सौ बच्चों को प्रतिदिन पुरुस्कृत किया जाता है।

भारतीय परम्परा और संस्कारों

विभिन्न संस्थाएं सहयोगी भूमिका में

गीता परिवार की अगुवाई में चल रहे इस ई संस्कार वाटिका में विप्र फाउंडेशन के अलावा अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन, वनबंधु परिषद भी सहयोगी संस्थाओं की भूमिका में हैं। विप्र फाउंडेशन महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय प्रभारी चन्द्रकान्ता राजपुरोहित ने बताया कि विप्र फाउंडेशन की ओर से दुर्गा व्यास, पूनम शर्मा, मङ्गला पुरोहित, सोनाली शर्मा, कीर्ति आचार्य, कविता शर्मा, शोभा सारस्वत, कीर्ति व्यास, पूजा मेहता, ऋतु शर्मा, अन्नपूर्णा पुरोहित, मंजुलता शर्मा, लता खंडेलवाल सहित 275 बहनें सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

विप्र फाउंडेशन के संस्कारोदय प्रकल्प की प्रभारी पूनम शर्मा के अनुसार इस आयोजन में प्रतिदिन भारतीय परम्परा अनुरूप अनेक ज्ञानवर्धक वीडियो प्रेषित कर बालकों को संस्कारवान व आर्ष परम्परा से परिचित करवाने का यह एक अनूठा प्रकल्प है।

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