बाड़मेर: बहुचर्चित कमलेश एनकाउंटर(Kamlesh Prajapat encounter) मामले की जांच अब सीआईडी सीबी कर रही है। सीआईडी सीबी ने एनकाउंटर स्थल पर घटना का सीन रिक्रिएट करवाया। इस दौरान जोधपुर रेंज प्रभारी एडीजी संजय अग्रवाल भी मौजूद थे। इससे पहले एफएसएल टीम बुधवार सुबह करीब 11 बजे कमलेश प्रजापति के घर पर पहुंची। टीम कमलेश प्रजापति के घर से तत्कालीन परिस्थितियों के साक्ष्य जुटाए गए है। प्रकरण का अनुसंधान कर रहे हैं।
घटना को रिक्रिएट कराया
23 अप्रैल की रात को पुलिस द्वारा कमलेश प्रजापत का एनकाउंटर किया गया था। 23 अप्रैल की रात किसी तरह से पूरा घटनाक्रम हुआ इसका बुधवार को सीआईडी सीबी और एफएसएल की टीम ने रीक्रिएशन करवाया गया। इस दौरान सीआईडी सीबी के सुरेन्द्र सिंह सागर, जोधपुर रेंज प्रभारी एडीजी संजय अग्रवाल, एसपी आनंद शर्मा, एसडीएम रोहित चौहान, तहसीलदार प्रेम सिंह माचरा भी मौजूद थे।
हाईकोर्ट में चल रहा है मामला
कमलेश के परिजनों की ओर से पेश याचिका में इस एनकाउंटर को हत्या बताते हुए पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का आग्रह किया गया है। साथ ही, इस मामले में पांच करोड़ रुपए के हर्जाने की मांग करते हुए पूरी राशि बाड़मेर पुलिस अधीक्षक, उप अधीक्षक सहित 24 अन्य पुलिसकर्मियों से वसूल कर उनके खिलाफ मामला दर्ज करने की विनती की गई है। राजस्थान हाईकोर्ट में न्यायाधीश विनीत माथुर की कोर्ट ने इस मामले में सभी पक्षों को नोटिस जारी किए हैं। मामले की अगली सुनवाई अब 9 जुलाई को होगी।
ये था मामला
बाड़मेर में 22 अप्रैल की रात तस्कर कमलेश प्रजापत का पुलिस द्वारा एनकाउंटर किया गया था। सीसीटीवी फुटेज वायरल होने के बाद पुलिस एनकाउंटर पर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। एनकाउंटर से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज वायरल होने के बाद एनकाउंटर सवालों के घेरे में आ गया है।
कमलेश प्रजापति की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद संदेह का घेरा और बढ़ गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, तस्कर कमलेश को 4 गोली लगी थी। चारों गोली लेफ्ट साइड से लगी थी। एक भी गोली पांव पर नहीं लगी है। चारों गोली कमर और कमर से ऊपर लगी है। पुलिस की बताई कहानी की पोल पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोल दी है।
