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म्यूकर माइकोसिस(ब्लैक फंगस) क्या होता है? लोग इसकी चपेट में क्यों आ रहे हैं? जानिए

म्यूकर माइकोसिस(ब्लैक फंगस) क्या होता है? लोग इसकी चपेट में क्यों आ रहे हैं? जानिए

देश में कोरोना महामारी का प्रकोप अभी खत्म भी नहीं हुआ। मरीजों के ठीक होने का आंकड़ा एक स्तर पर भी नहीं पहुंचा। म्यूकर माइकोसिस नामकी बीमारी ने पैर पसारना शुरू कर दिया है। कोविड से ठीक हुए लोगों के घर पहुंचने के बाद अब एक और नई बीमारी जन्म ले रही है। जिसकी खबर न परिजन को है ना ही मरीजों को। म्यूकर माइकोसिस जैसी घातक बीमारी को लेकर धीरे-धीरे देश में हड़कंप मचने लगा है। म्यूकर माइकोसिस से जुड़ें कई सवाल मरीजों के मन में उठने लगे हैं।

लेकिन सबसे पहले जानेंगे म्यूकर माइकोसिस क्या होता है

ब्लैक फंगस इंफेक्शन का ही वैज्ञानिक नाम म्यूकर माइकोसिस है। पोस्ट कोविड मरीजों में यह बीमारी सबसे अधिक देखने को मिल रही है। यह फंगल इंफेक्शन सबसे पहले नाक से शुरू होता है, इसके बाद मुंह में होता है, फिर आंखों में पहुंचता है और फिर दिमाग तक चला जाता है। सही वक्त पर लक्षण को पहचान कर इस बीमारी का इलाज भी संभव है। हालांकि यह इंफेक्शन सबसे ज्यादा डायबिटीज मरीजों को प्रभावित कर रहा है। आइए जानते हैं इस ब्लैक फंगस से जुडी कुछ जानकारी :-

म्यूकर माइकोसिस बीमारी का खतरा किन लोगों को अधिक है –

1.डायबिटीज के मरीज
2.स्टेरॉयड का अधिक सेवन करने वाले मरीज
3.ICU में रहने वाले मरीजों में
4.गंभीर बीमारियों का शिकार मरीज
5.पोस्ट ट्रांसप्लांट और मैलिग्नेंसी वाले पेशेंट में
6.वोरिकोनाज़ोल थेरेपी वाले पेशेंट में

म्यूकर माइकोसिस के क्या लक्षण होते है –

1.साइनस की परेशानी होना, नाक बंद हो जाना, नाक की हड्डी में दर्द होना
2.नाक से काला तरल पदार्थ या खून बहना
3.आंखों में सूजन, धुंधलापन दिखना
4.सीने में दर्द उठना
5.सांस लेने में समस्या होना
6.बुखार

ब्लैक फंगस इंफेक्शन से बचाव और नियंत्रण के लिए आईसीएमआर ने गाइडलाइन्स जारी की है। आइए जानते हैं –
  • कोविड से ठीक होने के बाद अपना ब्लड शुगर लेवल हफ्ते में चेक करते रहें।
  • डॉ. की सलाह से ही स्टेरॉयड का उपयोग करें, उनकी सलाह से ही स्टेरॉयड के डोज कम-ज्यादा करें।
  • डॉ. की सलाह से ही एंटीबायोटिक और एंटीफंगल दवाइयां का सेवन करें।
  • हाइपरग्लाइसीमिया को नियंत्रण में रखें।
  • डायबिटीज मरीज अपना शुगर कंट्रोल करें।
  • स्टेरॉयड के इस्तेमाल को डॉक्टर की सलाह से कम करें।
  • इम्यूनिटी बूस्टर दवाइयों को बंद कर दें।
  • एंटिफंगल प्रोफिलैक्सिस की जरूरत नहीं होने पर नहीं लें।
ब्लैक फंगस इन्फेक्शन का इलाज कैसे हो सकता है-
  • बॉडी को हाइड्रेट नहीं होने दें यानि अधिक से अधिक पानी पिए दिन में ।
  • 4 से 6 सप्ताह एंटिफंगल थेरेपी ले सकते हैं।
  • सेंट्रल कैथेटर की मदद लें।

ब्लैक फंगस इंफेक्शन से बचाव के लिए डॉ. की सलाह जरूर लें। बाहर जाते वक्त मास्क जरूर पहनें। अपने घर पर स्वच्छता का पूरा ख्याल रखें। इन दिनों कोरोना वायरस तेजी से फैल रहा है। सीडीसी द्वारा जारी रिपोर्ट में यह वायरस 6 फीट दूर तक भी फैल सकता है। घातक वायरस से ब्लड शुगर का लेवल भी तेजी से बढ़ने लगता है। इससे चेहरा सुन्न पड़ना, दांतों में दर्द, सूजन आना, दांत गिरना, गले दुखना जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करें। मामूली लक्षण महसूस होने पर तुरंत डॉ. से संपर्क करें।

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