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वेंटिलेटर को लेकर राज्य सरकार ने फिर सही का प्रमाण पत्र क्यों दिया

Why did the state government give a certificate of correctness regarding the ventilator impact voice news

जयपुर। पीएम केयर्स फंड से आए वेंटिलेटर्स को लेकर भाजपा के प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने कहा कि वेंटिलेटर को लेकर राज्य सरकार ने ही यह प्रमाण पत्र दिया था कि सही है अब अचानक वेंटिलेटर खराब होने की बात कहां से आ रही है।

ऑडिट में सच सामने आ जाएगा

उन्होंने कहा कि पीएम ने इसकी ऑडिट की बात कही है उससे स्थिति स्पष्ट हो जाएगी कि जानबूझकर गहलोत सरकार पीएम केयर्स फंड के वेंटिलेटर वह काम में नहीं लिया और कई लोगों की जान चली गई। इसके लिए राज्य सरकार ही दोषी है।

वेंटिलेटर्स को काम में ही नहीं लिया

भाजपा प्रभारी ने वर्चुअल प्रेस वार्ता में कहा कि राज्य सरकार कह रही है कि फ्लो सेंसर खराब है। जब देश का पीएम वेंटिलेटर्स पर 60 करोड़ रुपए खर्च कर सकता है तो क्या आप 300 रुपए का फ्लो सेंसर लगाकर इन्हें प्रयोग नहीं कर सकते थे। अगर ये खराब थे तो भरतपुर के निजी अस्पताल को किराए पर क्यों दिए गए ? बीकानेर में हमारे कार्यकर्ताओं ने कैसे इन्हें काम में लिया। असल बात तो यह है कि इनके मन में चोर है। अगर एक साल पहले ही इन्हें फंक्शनल कर दिया जाता तो शायद ये हालात नहीं होते। इससे पहले तो कभी भी इन्होंने पत्र नहीं लिखा कि वेंटिलेटर्स खराब हैं।

आवंटित ऑक्सीजन को लाने का काम राज्य सरकार का

भाजपा प्रभारी सिंह ने कहा कि राजस्थान को केंद्र सरकार ने पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन गैस का आवंटन किया है लेकिन सरकार उसे समय रहते नहीं उठा पा रही है। उन्होंने कहा कि आवंटित ऑक्सीजन गैस को लाने का काम तो राज्य सरकार को ही करना है ऐसे में ऑक्सीजन की कमी के लिए केंद्र को दोषी ठहराना किसी भी सूरत में सही नहीं है। सिंह ने आरोप लगाया कि केंद्र ने पैसा दे दिया था, लेकिन प्रदेश सरकार 16 ऑक्सीजन के प्लांट नहीं लगा पाई।

किसानों का कर्जा माफी, बेरोजगारों को भत्ता दे

सिंह ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के समक्ष छह मांगें रखी। उन्होंने कहा कि केंद्र ने किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को पैसा जारी किया है। गहलोत सरकार भी अपना वादा निभाते हुए पूर्व में घोषित किसानों का कर्ज माफ क्यों नहीं कर रही है ? सीएम गहलोत को कर्ज तत्काल माफ करना चाहिए। उन्होंने राज्य के बेरोजगारों को भत्ता देने और बिजली के बिलों के स्थाई शुल्क माफ करने को कहा।

कोरोना मृतकों को आर्थिक पैकेज दे सरकार

उन्होंने सीएम गहलोत से कहा कि प्रदेश में जिन गरीबों के घरों में कोरोना से मौत हुई है, उन्हें सरकार आर्थिक पैकेज देने की घोषणा करें। उन्होंने कहा कि गहलोत सरकार के पास बहुत पैसा है। ऐसे में सीएम गहलोत नीयत ठीक करें और साथ में भ्रष्टाचार को खत्म कर लोगों की मदद करने के लिए आगे आना चाहिए।

रेमडेसिवीर इंजेक्शन कहां गए ?

सिंह ने कहा कि राज्य को केंद्र की ओर से बड़ी संख्या में रेमडेसिवीर इंजेक्शन दिए गए हैं। सीएम गहलोत को देखना चाहिए कि आखिरी ये इंजेक्शन कहां गए। सिंह ने आरोप लगाया कि कहीं अधिकारियों के घरों में तो नहीं हैं रेमडेसिवीर इंजेक्शन ?

केंद्र के पैसे का हो रहा दुरुपयोग

वैक्सीनेशन को लेकर उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस ने मज़ाक उड़ाना शुरू किया। अब वही कांग्रेस वैक्सीन की डिमांड कर रही है। 18 से 45 साल वाले लोगों की वैक्सीनेशन की जिम्मेदारी सीएम गहलोत की, लेकिन उसे लेकर भी वे राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सही बात तो यह है कि केंद्र के पैसे का राज्य सरकार सही उपयोग ही नहीं कर रही है।

सिंह ने कहा कि सीएम गहलोत हमारे ऊपर आरोप लगाते हैं। सच तो यह है कि केंद्र पर दोषारोपण के अलावा वो कुछ नहीं कर रहे हैं। इसलिए हमने भी जनता के सामने अपना पक्ष रखना शुरू किया है। सेवा ही संगठन अभियान के माध्यम से लोगों को सहायता पहुंचाई जा रही है। साथ ही हमारे नेता भी लोगों की मदद कर रहे हैं।

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