टोक्यो पैरालिंपिक : भारत के एथलीट प्रवीण कुमार ने टोक्यो पैरालंपिक में पुरुषों की टी-64 स्पर्धा के फाइनल में रजत पदक जीता है। इस मुकाबले में नोएडा के रहने वाले प्रवीण ने 2.07 मीटर की छलांग लगाई और दूसरे स्थान पर रहे। ब्रिटेन के ब्रूम एडवर्ड्स जोनाथन ने 2.10 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। जबकि पोलैंड के लेपियाटो मासिएजो ने 2.04 मीटर की जंप के साथ कांस्य पदक जीता।
प्रधानमंत्री ने भी दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पदक जीतने वाले प्रवीण कुमार की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह उनकी कड़ी मेहनत समर्पण का नतीजा है। मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा- प्रवीण के पैरालिपिंक में मेडल जीतने पर गर्व हैं। यह उनके कड़ी मेहनत और खेल के प्रति समर्पण का नतीजा है। उन्हें बधाई।
Proud of Praveen Kumar for winning the Silver medal at the #Paralympics. This medal is the result of his hard work and unparalleled dedication. Congratulations to him. Best wishes for his future endeavours. #Praise4Para
— Narendra Modi (@narendramodi) September 3, 2021
प्रवीण ने 2019 जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में जीता सिल्वर
प्रवीण ने जुलाई 2019 में जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता था। इसी साल नवंबर में सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में वो चौथे स्थान पर रहे थे। उन्होंने वर्ल्ड ग्रां प्री में गोल्ड जीता और हाई जंप में 2.05 मीटर का एशिया का रिकॉर्ड बनाया था।
Congratulations: ?? Praveen Kumar wins #Silver Medal ? in Men’s High Jump T44/T64, clears a height of 2.07m & an Asian Record @ #Tokyo2020 #Paralympics #ParaAthletics #Praise4Para @WeThe15 @ianuragthakur @Media_SAI @LICIndiaForever @MyIndianBank @KotakBankLtd @centralbank_in pic.twitter.com/OeMtRJN0SI
— Paralympic India ?? #Cheer4India ? #Praise4Para (@ParalympicIndia) September 3, 2021
कमजोरी को ताकत बनाया
सामान्य व्यक्ति की तुलना में प्रवीण का एक पैर छोटा है, लेकिन उन्होंने अपनी इसी कमजोरी को ताकत बनाया और अलग-अलग प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हुए पैरालिंपिक के मंच तक पहुंचे। प्रवीण एक इंटरव्यू में बता चुके हैं कि वह स्कूल में वॉलीबॉल खेलते थे और उनकी जंप अच्छी थी। एक बार उन्होंने हाईजंप में भाग लिया और उसके बाद एथलेटिक्स कोच सत्यपाल के सुझाव पर वे जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में अभ्यास करने लगे।
