टोक्यो : भारत की महिला हॉकी टीम का टोक्यो ओलंपिक में पदक जीतने का सपना टूट गया। ब्रॉन्ज मेडल मैच में ग्रेट ब्रिटेन ने भारत को 4-3 से हरा दिया। कड़े मुकाबले में भारतीय महिला टीम ने शानदार खेल दिखाया और दूसरे क्वार्टर में 3-2 की बढ़त बना ली थी। हालांकि, टीम इस बढ़त को कायम नहीं रख सकी और ब्रिटेन ने तीसरे और चौथे क्वार्टर में 15 मिनट के अंदर 2 गोल दाग 4-3 से मैच जीत लिया।
टीम इंडिया ने इस पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया और पहली बार सेमीफाइनल में जगह बनाकर इतिहास रच दिया था। टीम इससे पहले सिर्फ 2 बार ओलिंपिक खेली है।
ब्रिटिश टीम ने भारतीय टीम के सम्मान में बजाई ताली
ओलिंपिक मेडल चूकने के बाद टीम इंडिया के प्लेयर्स मैदान पर ही फूट-फूटकर रोने लगीं। सविता पूनिया, वंदना कटारिया, कप्तान रानी रामपाल और नेहा गोयल समेत तमाम खिलाड़ी इमोशनल हो गए। इन सभी खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट गजब का प्रदर्शन किया था। ब्रिटेन की खिलाड़ियों ने टीम इंडिया के प्रदर्शन की तारीफ की और भारतीय खिलाड़ियों को सम्मान भी दिया। उन्होंने भारतीय खिलाड़ियों के सम्मान में खड़े होकर तालियां बजाईं।
ओलंपिक खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रयासों से हम सभी अभिभूत हैं। विशेषकर हॉकी में हमारे बेटे-बेटियों ने जो इच्छाशक्ति दिखाई है, जीत के प्रति जो ललक दिखाई है, वो वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है।
— Narendra Modi (@narendramodi) August 6, 2021
PM मोदी ने हॉकी टीम की तारीफ की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला हॉकी टीम के प्रदर्शन की तारीफ की है। उन्होंने कहा- हम ओलिंपिक में हमेशा अपने महिला खिलाड़ियों के परफॉर्मेंस को याद रखेंगे। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में अपना बेस्ट दिया। महिला हॉकी टीम का हर खिलाड़ी हिम्मत, आत्मविश्वास और स्किल से भरा है। भारत को अपनी महिला हॉकी टीम पर गर्व है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओलिंपिक के ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में ब्रिटेन से हारने वाली महिला हॉकी टीम का हौसला बढ़ाया। मैच के बाद प्रधानमंत्री ने पूरी टीम से मोबाइल पर बात की। इस दौरान सभी लड़कियां बेहद भावुक हो गईं और रोने लगीं। मोदी ने उनसे कहा कि रोना नहीं है, आपकी मेहनत से देश की हॉकी पुनर्जीवित हुई है।
