जयपुर: जयपुर नगर निगम ग्रेटर में डॉ. सौम्या गुर्जर और तीन पार्षदों को निलंबित करने का मामला अभी थमा भी नहीं कि BVG कंपनी के भुगतान संबंधी एक वायरल वीडियो ने बवाल मचा दिया है। इस वीडियो में डॉ. सौम्या गुर्जर के पति राजाराम गुर्जर और बीवीजी (BVG) अधिकारियों के बीच भुगतान संबंधी वार्ता होने की बात की जा रही है, लेकिन इस बीच करौली के पूर्व सभापति राजाराम गुर्जर ने वीडियो को फर्जी बताया और कहा कि यह वीडियो मेयर को फंसाने की साजिश है। पूर्व सभापति राजाराम ने ग्रेटर कमिश्नर पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कमिश्नर खुद BVG के संसाधनों से सफ़ाई करवाना चाहते है, जबकि मेयर निगम के संसाधनों से सफ़ाई करवाना चाहती थी।
वीडियो जांच का विषय
वहीं राजाराम गुर्जर वीडियो मामले पर भाजपा का बयान सामने आया है। भाजपा ने कहा कि वीडियो की विश्वसनीयता नहीं है ये वीडियो जांच का विषय है। भाजपा ने कांग्रेस पर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार कोई भी षड्यंत्र कर सकती हैं।
क्या था मामला
जयपुर नगर निगम में कथित हाथापाई के मामले में महापौर सौम्या गुर्जर को महापौर व निगम की सदस्यता तथा पार्षद पारस जैन , शंकर शर्मा व अजय सिंह चौहान को निगम की सदस्यता से निलंबित कर दिया गया था।
