जयपुर। राजधानी जयपुर में हाजी रफत के निधन के बाद रामगंज क्षेत्र में जो जनाजा निकला,उसमे न केवल लाखों लोग शामिल थे,बल्कि कांग्रेस विधायक रफीक खान और अमीन कागजी तथा शहर की दोनों नगर निगमों के कई पार्षद भी शामिल हुए। कोरोना की गाइड लाइन के अनुसार 20 लोगों से अधिक लोग शामिल नहीं हो सकते पर बताते है कि विधायकों के दबाव व वर्ग विशेष की नाराजगी के डर से पुलिस प्रशासन भी मूकदर्शक बन जनाजे के साथ चलती रही।
इस जनाजे में दर्जनों पुलिसकर्मी भी शामिल हुए। सोशल मीडिया और नेशनल चैनलों पर जब यह खबर चली, तो जयपुर पुलिस कमिश्नर के निर्देशों पर 11 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस सूत्रों की मानें तो दोनों विधायकों का दबाव था की भीड़ को रोका ना जाए और जनाजे में शामिल होने दिया जाए लेकिन जब भीड़ के वीडियो वायरल हुए तो पुलिस कमिश्नर को भी मुकदमा दर्ज करने के आदेश जारी करने पड़े। यहां उल्लेखनीय है कि ये कोरोना काल मे इस तरह की दूसरी घटना है। पहली घटना गहलोत सरकार के मंत्री साले मोहम्मद के पिता गाजी फकीर के जनाजे की थी उसमें भी हजारों लोग एकत्रित हुए थे पर सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की।सबसे मजेदार बात तो यह है कि जनाजे में चलने वाले अधिकांश बिना मास्क के थे। सोशल डिस्टेंस की भी जमकर धज्जियां उड़ी।
