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विधानसभा के बाहर भी गूंजा “नाथी का बाड़ा” का नारा, निलंबित विधायकों ने दिया धरना

विधानसभा

जयपुर : भाजपा के 4 विधायकों रामलाल शर्मा, मदन दिलावर, चंद्रभान सिंह आक्या और अविनाश गहलोत ने निलम्बन के विरोध और REET की सीबीआई जांच की मांग पर विधानसभा के गेट पर धरना दिया। चारों विधायकों ने नारे लगाए- “REET का पेपर कहां मिलेगा, नाथी तेरे बाड़े में..” विधायकों ने कहा कि चाहे सरकार 4 विधायकों को निलम्बित करे या 40 विधायकों को निलम्बित कर दे। बीजेपी का संघर्ष सीबीआई जांच तक जारी रहेगा। बीजेपी विधायकों ने कहा कि REET मामला 26 लाख युवाओं और 1 करोड़ लोगों से जुड़ा है। यह प्रदेश और देश का सबसे बड़ा मुद्दा है।

बीजेपी पार्टी का फैसला है कि इस मुद्दे पर सीबीआई जांच से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। बीजेपी विधायक दल की बैठक में भी यह फैसला लिया गया है कि आंदोलन लगातार जारी रहेगा। निलम्बन वापस नहीं लेने पर विधायक मदन दिलावर ने कहा कि सरकार हठधर्मिता अपनाए हुए है। बड़े-बड़े मगरमच्छ बाहर घूम रहे हैं। REET पेपर लीक मामले में सरकार के मंत्री और मुख्यमंत्री शामिल हैं, तो उनकी जांच होनी चाहिए। दिलावर ने कहा कि राजीव गांधी स्टडी सर्किल के मुख्यमंत्री पदाधिकारी हैं। इसलिए जांच जरूरी है।

विधायक रामलाल शर्मा ने कहा कि वह चाहते हैं विधानसभा में उनके क्षेत्र की समस्याओं से जुड़े मुद्दे उठें। लेकिन REET भी विधानसभा क्षेत्र के हजारों युवाओं से जुड़ा मामला है। जब तक उन युवाओं के साथ न्याय नहीं होगा संघर्ष जारी रहेगा। अगर सरकार हमें निलम्बित कर दबाव में लेकर यह सोचे कि निलम्बन को निरस्त कर देंगे तो हम सदन की कार्यवाही ठीक से शुरू करने देंगे। यह कतई नहीं होगा।

तानाशाही के कारण खत्म होगी कांग्रेस

विधायक चन्द्रभान सिंह आक्या ने विधानसभा के बाहर धरना देने पर कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरे देश में खत्म हो गई। आने वाले समय में तानाशाही की वजह से राजस्थान में भी खत्म हो जाएगी। बीजेपी ने जो सीबीआई जांच का मुद्दा उठाया है यह लाखों युवाओं का मुद्दा है। यह पूरे देश और राजस्थान का मुद्दा है। इसकी जांच होनी चाहिए, दूध का दूध पानी का पानी होना चाहिए। चाहे कोई मंत्री हो या मुख्यमंत्री हो कोई नहीं बचे। अविनाश गहलोत ने कहा कि गुरुवार को मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के साथ विधायक राजकुमार शर्मा, गोविंद सिंह डोटासरा और दूसरे विधायकों ने भद्दी गालियां महिला विधायकों के सामने बकीं। ये राजस्थान सरकार की दोहरी राजनीति को दर्शाता है।

एक तरफ बीजेपी विधायकों की वाजिब मांगों को दबाने की कोशिश की जा रही है। दूसरी तरफ सरकार के मंत्री अश्लील गालियां सदन में बक रहे हैं। जब तक सीबीआई जांच नहीं होगी। पार्टी निर्देश पर हमारा संघर्ष जारी रहेगा। अगर हमने गुनाह किया है, तो ऐसा गुनाह हम हजार बार करेंगे। यह युवाओं की बात है। लेकिन सरकार गलतफहमी में है। जब-जब युवाओं ने कमान सम्भाली है, उस वक्त फैसला हुआ है। यह राजस्थान सरकार के ताबूत में आखिरी कील साबित होगा।

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