जयपुर: राजधानी जयपुर के ग्रेटर नगर निगम आयुक्त के साथ दुर्व्यवहार करने से जुड़े प्रकरण में निलंबित मेयर सौम्या गुर्जर को कोर्ट से जमानत मिल गई हैं। जज अमित शर्मा ने 25-25 हजार की जमानतें और 50 हजार के मुचलके पर रिहा किया। वहीं, ग्रेटर नगर निगम मेयर सौम्या गुर्जर साथ निलंबित हुए अन्य तीन भाजपा पार्षदों को राजस्थान हाई कोर्ट से राहत नहीं मिली।
ग्रेटर नगर निगम आयुक्त के साथ दुर्व्यवहार करने से जुड़े प्रकरण में निलंबित मेयर सौम्या गुर्जर को कोर्ट ने जमानत दी। पुलिस के नोटिस की पालना में सौम्या आज कोर्ट में हाजिर हुई थी। परिवादी की ओर से एडवोकेट एके जैन एसोसिएट ने सौम्या गुर्जर की जमानत का विरोध किया। इस मामले को लेकर आयुक्त यज्ञमित्र सिंह देव ने 4 जून को मुकदमा दर्ज कराया था।
इसके बाद ज्योति नगर पुलिस ने 30 जून को चालान पेश किया था। कोर्ट ने सौम्या व 3 पार्षदों के खिलाफ प्रसंज्ञान लिया था। 1 जुलाई को ईमेल भेज कर सौम्या ने 15 दिन का समय लिया था।
वहीं, ग्रेटर नगर निगम मेयर सौम्या गुर्जर साथ निलंबित हुए अन्य तीन भाजपा पार्षदों को राजस्थान हाई कोर्ट से राहत नहीं मिली। राजस्थान हाई कोर्ट के सीजे इंद्रजीत महान्ति व जस्टिस एसके शर्मा की खंडपीठ ने तीनो पार्षदों पारस जैन, अजय चौहान और शंकर शर्मा की याचिका पर पूर्व मेयर डॉ.सौम्या के मामले में दिए आदेश को ही लागू करने के आदेश दिए।
