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राज्य बजट: करों में किस क्षेत्र को क्या- क्या मिली छूट देखिए….

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जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य अजट पेश करते हुए एमएसएमई सैक्टर को पांच साल के कई रियायते, स्टाम्प व मुद्रांक शुल्क में अनेक छूटों की घोषणा करते हुए बताया कि पिछले बजट के समय कोविड 19 के कारण राज्य के पर्यटन एवं रियल एस्टेट, किसान, उद्यमी, व्यापारी,आमजन के साथ सरकार के राजस्व पर भी विपरीत प्रभाव पड़ा। इस स्थिति को देखते हुए गत वर्ष कोई नया कर नहीं लगाया तथा लगभग 900 करोड़ रुपये की राहत दी थी। अभी भी अर्थव्यवस्था पूरी तरह उभर नहीं पायी है। इसके बावजूद बजट 2022-23 में कोई नया कर नहीं लगाते हुए सभी वर्गों को लगभग 1500 करोड़ रूपये की राहत दी गयी है।

1. आमजन

  • सामाजिक एवं आर्थिक दृष्टि रो राम्बल प्रदान करने के लिये रिहायशी नजूल सम्पत्तियों पर वर्ष 2000 के पूर्व से काबिज अल्प आय वर्ग के कब्जेधारियों के पक्ष में स्वामित्व हस्तान्तरण का प्रावधान।
  • दिव्यांगजनों द्वारा क्रय किये जाने वाले 10 लाख रुपये तक के चार पहिया वाहन एवं दुपहिया/तिपहिया वाहनों पर मोटर वाहन कर में पूर्ण छूट ।
  • 100 वर्गगज तक के निर्गित या रिक्त आवासीय भूखण्डों पर स्टाम्प ड्यूटी में एक प्रतिशत की छूट।
  • 50 वर्गगज तक के निर्मित या रिक्त वाणिज्यिक भूखण्डों पर भी स्टाम्प ड्यूटी में एक प्रतिशत की छूट ।
  • 10 लाख रूपये रो अधिक मूल्य की पैतृक सम्पत्ति के हक त्याग पर भी स्टाम्प ड्यूटी 5 हजार से घटाकर 500 रुपये की गई।
  • पुत्री एवं पुत्रवधू तथा पत्नी के पक्ष में गिफ्ट डीड दस्तावेजों पर स्टाम्प ड्यूटी माफ ।
  • राज्य के 60 वर्ष से अधिक उम्र के वृद्धजनों द्वारा अचल सम्पत्ति के क्रय के दस्तावेजों पर स्टाम्प ड्यूटी 6 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत तथा पंजीयन शुल्क 1 प्रतिशत से घटाकर 0.5 प्रतिशत।
  • 60 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजनों के पक्ष में निष्पादित रिवर्रा गोर्गेज के दस्तावेजों पर स्टाम्प ड्यूटी एवं पंजीयन शुल्क में शत-प्रतिशत छूट ।
  • विद्यार्थियों द्वारा शैक्षणिक प्रयोजनो के लिये निष्पादित ऋण दस्तावेजों पर स्टाम्प ड्यूटी एवं पंजीयन शुल्क में शत-प्रतिशत छूट।
  • मद्यसंयम हेतु “स्वर्गीय श्री गुरुशरण छाबड़ा जन जागरूकता अभियान” के लिये बजट 5 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये किया गया।
  • पासपोर्ट कार्यालयों की तर्ज पर जयपुर, जोधपुर, भिवाड़ी में मॉडल उप-पंजीयक कार्यालय खोले जायेंगे।
  • वाणिज्यिक कर मुख्यालय पर 100 करोड़ रुपये से Tax Facilitation and Support Centre स्थापित करना तथा जयपुर में एक अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय खोलना।
2. कृषक एवं कृषि आधारित व्यवसायी
  • कृषि आधारित MSMEकी स्थापना/विस्तार हेतु गुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत Interest Subsidy4 को 8 से बढ़ाकर 9 प्रतिशत ।
  • मंडी शुल्क/आवंटन शुल्क आदि की “ब्याज माफी योजना-2019” की अवधि 30 सितम्बर, 2022 तक बढ़ाई।
  • मंडी प्रांगणो में व्यापारियों के वर्ष 2010 के पूर्व के लम्बित प्रार्थना पत्रों का आरक्षित दर पर भूखण्ड आवंटन।
  • बजट वर्ष 2020-21, 2021-22 तथा इस बजट में घोषित नवीन मण्डियों एवं मिनी फूडपार्क के लिये सरकारी भूमि का नि:शुल्क आवंटन।
  • 31 मार्च, 2022 तक देय कृषक कल्याण शुल्क में छूट को एक वर्ष और बढ़ाया।
3. Tourism ga Hospitality Sector
  • Tourism एवंHospitality Sector को उद्योग का दर्जा दिया जाकर इस क्षेत्र की वर्षों से लम्बित माँग पूर्ण ।
  • Rajasthan Rural Tourism Scheme लायी जायेगी जिसमें स्टाम्प ड्यूटी में 100 प्रतिशत की छूट, स्त्रस्ञ्ज का 10 वर्षों तक 100 प्रतिशत पुनर्भरण तथा 25 लाख रुपये तक के ऋण पर 1 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिये जाने की व्यवस्था।
  • 1 जनवरी, 1950 से पूर्व निर्मित सम्पत्तियों को हैरिटेज श्रेणी में मानते हुये इनमे होटल संचालन हेतु क्रय/लीज पर स्टाम्प ड्यूटी में रियायत, रिसोर्ट, स्पोट्र्स रिसोर्ट, हेल्थ रिसोर्ट, कैम्पिंग साईट, एम्यूजमेन्ट पार्क, एनिमल सफारी पार्क आदि
  • प्रयोजनों की भूमि का मूल्यांकन वाणिज्यिक दरों के स्थान पर कृषि दरों के समान तथा Convention Centreसामुदायिक भवन प्रयोजनार्थ भूमियों का मूल्यांकन शहरों में आवासीय तथा ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि दरों के बराबर।
  • होटल तथा ट्यूर ऑपरेटरर्रा को SGST का जनवरी, 2022 से मार्च, 2022 तक 50 प्रतिशत पुनर्भरण ।
4. उद्योग तथा व्यवसाय:
  • शहर के भीतर माल परिवहन पर e-way bill की अनिवार्यता से छूट सीमा 1 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपये।
  • MSMS को स्वीकृतियों एवं निरीक्षणों से मुक्ति की अवधि को 3 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष किया गया।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में निजी कृषि भूमि को श्वेत श्रेणी के उद्योगों/उद्यमों के लिए भूमि रूपानारण शुल्क में छूट ।
  • उद्योगों द्वारा ऋण हेतु निष्पादित दस्तावेजों/ऋण सगगुदेशन (Debt Assignment) के दस्तावेजों पर
    स्टाम्प ड्यूटी की अधिकतम सीमा को घटाकर 15 लाख रुपये।
  • कम्पनियों के Merger/Demerger के दस्तावेजों पर स्टाम्प ड्यूटी की अधिकतम सीमा को घटाकर 50 करोड़ रुपये।
  • नीलामी के साथ-साथ अब रीको क्षेत्र में कुछ विशिष्ठ श्रेणी के उद्योगों को चिन्हित कर सीधे भूखण्ड आवंटन की व्यवस्था।
5. निवेश प्रोत्साहन :
  • RIPS-2010 एवं 2014 का लाभ ले रही पात्र इकाईयों के लिये अवधि 31 मार्च, 2022 से 1 वर्ष और बढ़ायी।
  • RIPS-2003, RIPS-2010 एवं RIPS-2014 में कस्टमाइज्ड पैकेज प्राप्त इकाईयाँ जिनके द्वारा वाणिज्यिक उत्पादन RIPS-2019 की परिचालन अवधि में प्रारम्भ कर दिया गया है, को RIPS-2019 का लाभ प्राप्त करने की व्यवस्था।
  • राजस्थान के पचपदरा, जिला बाड़भर में रिफाइनरी एवं पेट्रोकेगिकल्स कॉम्प्लेक्स PCPIR (Petroleum, Chemicals and Petrochemicals investment Region)में नवोदित विनिर्माण(Sunrise Sector) इकाईयों को RIPS-2019 के अन्तर्गत Thrust Sectorमें जोड़कर अतिरिक्त परिलाभ ।
  • SGST देयता नहीं बनने वाली इकाईयों को पूँजीगत अनुदान का प्रावधान ।
    Inland Container Depot (ICD)की इकाईयों को RIPS-2019 के रोवा क्षेत्र के तहत श्रस्ट सेक्टर (Thrust Sector)के लाभ देने की व्यवस्था।
  • RIPS-2019 में Thrust Sector-Gems & lewelleryविनिर्माण क्षेत्र में निवेश पर पूंजी निवेश अनुदान
    (CapitalSubsidy) की सीमा को 25 लाख रुपये से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये।
  • राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाडिय़ों के लिये आधारभूत ढ़ाया तैयार करने हेतु निजी क्षेत्र में स्पोट्र्स एकेडमी को RIPS-2019 के अन्तर्गत सेवा क्षेत्र में सम्मिलित कर 1 करोड़ रुपये तक पूंजी अनुदान तथा स्पोट्र्स गुड्स सेक्टर में पूंजी अनुदान सीमा बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये करना।
  • Rajasthan Investment Promotion Scheme-2022 लायी जायेगी, जिसमें SGSTके पुनर्भरण के विकल्प के रूप में पूँजीगत अनुदान, उत्पादन लिंक प्रोत्साहन, कार्यकाल आधारित प्रोत्साहन प्रणालीAuto Disbursalप्रणाली, तथा स्टाम्प ड्यूटी की 100 प्रतिशत छूट।
  • मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना के लिये 150 करोड़ रुपये प्रावधान।
6. Sc/STएवं कमजोर वर्ग के उद्यमी :
  • डॉ भीमराव अम्बेडकर राजरथान दलित, आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना-2022 लायी जायेगी, जिसके तहतवंचित वर्गों को उद्यम स्थापित करने के लिये 100 करोड़ रुपये से Incubation cum Training Centreस्थापित कर इनका संचालन CII/DICCI के सहयोग से करने की व्यवस्था।
  • RIICO क्षेत्रों में भूखण्ड क्षेत्रफल की सीमा 2000 से बढ़ाकर 4000 वर्गमीटर तथा आवंटन में आरक्षण 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 6 प्रतिशत किया जाना।
  • भूमि आवंटन की किश्तों पर व्याज में पूर्ण छूट तथा भू-रूपान्तरण शुल्क में 75 प्रतिशत रियायत
  • जमीन खरीद, लीज एवं ऋण दस्तावेजों पर स्टाम्प ड्यूटी में 100 प्रतिशत छूट।
  • मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना के तहत 1 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज अनुदान
  • SGST का 7 वर्ष तक 100 प्रतिशत पुनर्भरण।
7. Amnesty योजनाऐं :
  • बकाया माँगों से सम्बन्धित शास्ति एवं ब्याज में छूट तथा मूल राशि में रियायत के साथ प्रक्रियाओं का सरलीकरण कर विभिन्न वर्गों को इनके निस्तारण के अवसर प्रदान करने हेतु निम्नांकित विभागों में ्रAmnesty योजनायें लाई जायेंगी।
  • वाणिज्यिक कर : Repealed Actsबिक्री कर, VAT, Entry Tax इत्यादि
  • रजिस्ट्रेशन एवं स्टाम्प
  •  RIICO
  • परिवहन
  • आबकारी
  • उपनिवेशन
  • खनन
  • विद्युत निगम – विद्युत सतर्कता जांच प्रतिवेदन (VCR)
8. रियल एस्टेट :
  • बड़े क्षेत्रफल के आवासीय एवं वाणिज्यिक भूखण्डों के मूल्यांकन (DLC में रियायत।
  • मल्टीस्टोरी भवनों में 50 लाख रुपये तक के फ्लेट्स की खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी में 2 प्रतिशत की छूट की अवधि 31 गार्च, 2023 तक बढ़ाई।
  • सम्पत्तियों के 1 से 3 वर्ष के भीतर पुन: विक्रय पर पश्चात्वर्ती विक्रय के दस्तावेज पर स्टाम्प ड्यूटी में छूट।
9. खनन पटटाधारी :
  • 31 मार्च, 2025 तक समाप्त हो रही अप्रधान खनिजों (Minor Minerals) के खनन पट्टों/क्वारी लाईसेन्सों की अवधि को निश्चित प्रीमियम के भुगतान की शर्त पर 31 मार्च, 2040 तक बढ़ाना।
  • खातेदारी भूमि में अप्रधान खनिज (Minor Mineral)खनन पट्टा जारी करने की 4 हेक्टेयर की अधिकतम सीमा समाप्त।
  • खनन पट्टों का संविदा निष्पादन (Lease Agreement Execution) बिना पर्यावरण अनुमति के किया जायेगा परन्तु खनन कार्य पर्यावरण अनुमति प्राप्त करगे पश्चात ही अनुमत।
  • अप्रधान खनिजों के खनन पट्टों के हस्तान्तरण पर लिये जाने वाले प्रीमियग की अधिकतम सीगा को 10 लाख रुपये से घटाकर 5 लाख रुपये तथा डेड रेन्ट/लाईसेन्स फीस को 10 गुणा से घटाकर 5 गुणा किया गया।
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10. परिवहन :

  • प्रदूषण नियंत्रण हेतु CNG Kit Retrofitrment कराये जाने वाले वाहनों पर वाहन कर में 50प्रतिशत की छूट।
  • संभागीय क्षेत्र के संविदा परमिट (Contract Carriage Permit)पर ऑल राजस्थान परमिट की तुलना में मोटर वाहन कर में 50 प्रतिशत छूट को बढ़ाकर 70 प्रतिशत किया।
  •  https://finance.rajasthan.gov.in
  • स्टेज कैरिज बसों के लिये अप्रेल से फरवरी माह तक नियमित रूप से कर जमा कराने पर माह मार्च में देय मोटर वाहन कर में 25 प्रतिशत की छूट।
  • A.C. Surrender की अधिकतम अवधि बढ़ाकर एक कैलेण्डर वर्ष में 180 दिवस की जायेगी।
11. मीडिया :
  • मीडिया को आवंटित भूमि पर निर्मित भवन को sub-let करने की सीमा built-up area 40 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत की जायेगी।

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