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जाने माने जनसम्पर्क विज्ञ,पत्रकार, कवि और लेखक मेघराज श्रीमाली नहीं रहे

मेघराज श्रीमाली

नई दिल्ली/जयपुर : राजस्थान के पाँच मुख्यमंत्रियों के प्रेस अटैची रहे जाने माने जनसम्पर्क विज्ञ, पत्रकार, कवि, लेखक मेघराज श्रीमाली नहीं रहे। वह 92 साल के थे। उनका निधन मंगलवार रात सवा ग्यारह बजे अपने निवास स्थान जयपुर के वैशाली नगर में हुआ। दो माह पूर्व ही उनकी धर्मपत्नी का भी स्वर्गवास हुआ था। वे प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना प्रेरणा श्रीमाली, कॉरपारेट प्रबंधक मनोज श्रीमाली और ‘बालिका वधु‘ धारावाहिक के लेखक के रूप में ख्याति अर्जित करने वाले लेखक पूर्णेन्दु शेखर के पिता थे।

दिवंगत श्रीमाली ने टेलीविजन के लोकप्रिय धरावाहिक ‘बालिका वधु’ के तीन हज़ार से ज्यादा एपीसोड के स्लोगन लिखे और बेहद लोकप्रिय हुए। वह अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। स्व. श्रीमाली का जन्म 1931 में बीकानेर में हुआ था और बीकानेर के प्रसिद्ध डूंगर कॉलेज से ग्रेजुएशन किया था। तीन साल पूर्व उनका एक कविता संग्रह ‘फिर कविता का रूप बदलता’ भी प्रकाशित हुआ था। उन्होंने अपने जीवन की शुरुआत एक स्वतंत्र पत्रकार के रूप में साप्ताहिक पत्र ‘ज्वाला’ से की थी जो 1960-70 के दशक में तीखी राजनीतिक टिप्पणियों और सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध अभियान के रूप में जाना जाता था ।

बाद में वे जयपुर से निकलने वाले ‘दैनिक नवयुग’ से जुड़ गए तथा राष्ट्रदूत से भी संबद्ध रहे। जब स्व. कर्पूरचंद कुलिश ने राजस्थान पत्रिका की  शुरुआत की तब स्व. श्रीमाली उनकी संपादकीय टीम में थे। उन्होंने कई वर्षों तक लगातार ‘मंझधार में मिडलची’ कॉलम लिखा। वे श्रमजीवी पत्रकार संघ के फाउंडर मेंबर भी रहे। सन् 1958 में राजकीय सेवा में जन संपर्क विभाग में नियुक्त किये गए। इसी दौरान प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्रियों के साथ प्रेस अटैची के रूप में कार्य किया। उन्होंने राजस्थान नहर (इंदिरा गांधी नहर परियोजना) पर पहली डॉक्यूमेंट्री बनवाई। बांसवाड़ा, जोधपुर, जैसलमेर, उदयपुर और जयपुर में ज़िला जनसंपर्क अधिकारी के रूप में सफलतापूर्वक कार्य किया। श्रीमाली जी सन् 1991 में संयुक्त निदेशक के पद से विभाग के कार्यवाहक निदेशक के रूप में कार्य करते हुए सेवा निवृत्त हुए। इसके पश्चात् विकास अध्ययन संस्थान में कार्य किया।

मुख्यमंत्री ने किया शोक व्यक्त

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मेघराज श्रीमाली के देहान्त पर गहरा शोक व्यक्त किया है। इधर सुप्रसिद्ध टीवी निर्माता निदेशक लेखक और वरिष्ठ पत्रकार बृजेंद्र रेही और स्टेट इन्फ़ोर्मेशन एंड पब्लिक रिलेशंस (सिप्रा) के पूर्व अध्यक्ष और सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग राजस्थान के वरिष्ठ अधिकारी रहें गोपेंद्र नाथ भट्ट ने भी श्रीमाली को अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है।

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