जयपुर : REET पेपर लीक मामले में लेवल-2 की परीक्षा निरस्त करने के बाद गहलोत सरकार ने एक और बड़ा एक्शन लिया है। जयपुर जिला शिक्षा अधिकारी रविंद्र फौजदार को सरकार ने निलंबित कर दिया है। एसओजी की जांच में यह खुलासा हुआ था कि रविंद्र फौजदार ने ही शिक्षा संकुल में बने स्ट्रांग रूम का ताला खोला था। इसके बाद पेपर बाहरी व्यक्ति रामकृपाल मीना लेकर गया था। अब शिक्षा विभाग ने डीईओ रविंद्र फौजदार को निलंबित कर दिया है। इस संबंध में आज सोमवार को आदेश जारी किए गए हैं। इसके बाद रविंद्र फौजदार पर गिरफ्तारी की तलवार भी लटकने लगी है।
REET का पेपर साल्व करने में सरकारी शिक्षकों की भूमिका पर संदेह जताया गया है। शिक्षा निदेशालय में जिन पांच शिक्षकों काे निलंबित किया है उनकी विभागीय जांच शुरू कर दी है। इनमें से तीन फरार बताए जा रहे हैं। स्कूल प्रिंसिपलों से उनके बारे में जानकारी मांगी गई है। एसओजी इसकी छानबीन में लगा हुआ है। उदाराम, चुन्नीलाल और शैतान सिंह तीनों ही पॉलिटिकल साइंस के लेक्चरर है। तीनों जालौर जिले में कार्यरत हैं। सांचोर के उदाराम की गिरफ्तारी के बाद जालोर के तीनों शिक्षक चुन्नीलाल, शैतान सिंह और छतराराम फरार है। तीनों शिक्षक बिना सूचना के स्कूलों से अनुपस्थित चल रहे हैं। चुन्नीलाल पिछले ढाई माह से और शैतान सिंह व छतराराम पिछले एक सप्ताह से स्कूल नहीं जा रहे हैं। एसओजी को इनकी भूमिका पर संदेह है। इनकी स्वैच्छिक अनुपस्थिति को लेकर शिक्षा निदेशालय ने इन्हें निलंबित कर दिया है और अब इनकी भूमिका को लेकर तथ्य जुटाए जा रहे हैं।
