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‘कोविड हैल्थ कन्सलटेन्ट’ और ‘कोविड स्वास्थ्य सहायक’ की होगी भर्ती

‘कोविड हैल्थ कन्सलटेन्ट‘ और ‘कोविड स्वास्थ्य सहायक‘ की होगी भर्ती

जयपुर। चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने प्रदेश में कोविड संक्रमण की कड़ी को तोड़ने, संक्रमित मरीजों को समुचित उपचार देने, उन्हें चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराने, मृत्यु दर को न्यूनतम किए जाने के लिए घर-घर सर्वे और दवाई वितरण के कार्य को गति देने के लिए जिला स्तर पर ‘कोविड हैल्थ कन्सलटेन्ट‘ और ‘कोविड स्वास्थ्य सहायक‘ को 31 जुलाई 2021 तक नागरिक सुरक्षा विभाग द्वारा चयन या मनोनयन करने के निर्देश दिए हैं। इनका चयन उसी तरह से होगा जैसे नागरिक सुरक्षा विभाग जिला स्तर पर स्वयंसेवकों का करता है।

कोविड स्वास्थ्य सहायक और कोविड हैल्थ कन्सलटेन्ट योग्यता

चिकित्सा विभाग के प्रमुख शासन सचिव अखिल अरोड़ा ने इस बारे में दिशा-निर्देश जारी करते हुए बताया कि प्रदेश 1 हजार कोविड हैल्थ कन्सलटेन्ट नियोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि कोविड हैल्थ कन्सलटेन्ट के लिए न्यूनतम योग्यता एमबीबीएस एवं राजस्थान मेडिकल काउन्सिल में पंजीकृत होना कोविड स्वास्थ्य सहायक के लिए न्यूनतम योग्यता नर्स ग्रेड द्वितीय या जीएनएम व आरएनसी में पंजीकृत होना आवश्यक है। कोविड हैल्थ कन्सलटेन्ट को मासिक मानदेय 39300 रुपए और कोविड स्वास्थ्य सहायक को मासिक मानदेय 7900 रुपए प्रतिमाह देय होगा।

कोविड स्वास्थ्य और हैल्थ कन्सलटेन्ट का कार्य

अरोड़ा ने बताया कि कोविड हैल्थ कन्सलटेन्ट की सेवाएं कोविड कन्सलटेन्ट सेंटर तथा घर-घर सर्वे कार्य को गति देने तथा पर्यवेक्षण के लिए ली जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत पर एक, पीएचसी पर 2 और सीएचसी पर 3 कोविड स्वास्थ्य सहायकों को नियोजित किया जाएगा। शहरी क्षेत्रों के लिए प्रति वार्ड दो कोविड स्वास्थ्य सहायकों का नियोजन जिला चिकित्सालय, कोविड केयर सेंटर, ऑक्सीजन मॉनीटर और कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग के लिए किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कोविड स्वास्थ्य सहायको का नियोजन संबंधित सीएचसी या पीएचसी एवं ग्राम पंचायतों में व जिले में कोविड संक्रमण की स्थिति की गंभीरता के आधार पर किया जाएगा।

स्थानीय निवासी को प्राथमिकता

प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि ‘कोविड हैल्थ कन्सलटेन्ट’ और ‘कोविड स्वास्थ्य सहायक’ के नियोजन के लिए प्रत्येक जिला, ग्रामीण या शहरी क्षेत्र में स्थानीय निवासी को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इनके नियोजन के लिए एक कमेटी बनाई जाएगी, जिसमें जिला कलक्टर या जिला कलक्टर द्वारा नामित अतिरिक्त जिला कलक्टर अध्यक्ष होंगे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सदस्य सचिव और उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (स्वास्थ्य) सदस्य होंगे।

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