जयपुर। एचपीसीएल राजस्थान रिफायनरी (HRRL) और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम राज्य में पांच आक्सीजन जेनरेशन प्लांट लगाएगी। माइंस एवं पेट्रोलियम विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डाॅ. सुबोध अग्रवाल ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इन पांचों आक्सीजन जेनरेशन प्लांटों में प्रत्येक प्लांट की 450-450 लीटर प्रतिमिनट क्षमता होगी।
ACS माइंस डाॅ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि एचपीसीएल राजस्थान रिफायनरी (HRRL) की वर्चुअल संचालक मण्डल की बैठक में इसे अंतिम रुप दिया गया। उन्होंने बताया कि बैठक में एचपीसीएल राजस्थान रिफायनरी (HRRL) के चेयरमेन डाॅ. एमके सुराणा से चर्चा की गई। यह प्लांट बाड़मेर के राजकीय मेडिकल काॅलेज, नागौर की कुचामनसिटी, झुन्झुनू के नवलगढ़, सीकर के अजीतगढ़ और चुरु के सुजानगढ़ में स्थापित किए जाएंगे।
पांच स्थानों पर स्थापित होंगे ऑक्सीजन प्लांट
एसीएस डाॅ. अग्रवाल ने बताया कि राज्य के पांच स्थानों पर स्थापित होने वाले इन प्लांटों में से प्रत्येेक प्लांट पर 71-71 लाख रु. प्रति प्लांट और जीएसटी की लागत आएगी। उन्होंने बताया कि इस तरह से करीब तीन करोड़ 55 लाख रुपए व जीएसटी की लागत से यह पांच प्लांट स्थापित होंगे। उन्होंने बताया कि पांचों प्लांटों के लिए क्रयादेश जारी कर दिए गए हैं और जल्दी ही इनको लगाने की कार्यवाही आरंभ हो सकेगी।
डाॅ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि एचपीसीएल राजस्थान रिफायनरी (HRRL) और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम द्वारा लगाए जा रहे इन पांच प्लांटों से इन चिकित्सा संस्थानों के मरीजों को आसानी से आक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।
कोविड उपचार के लिए क्या करें, क्या नहीं करे विशेषज्ञों द्वारा सूची की तैयारी
एसीएस डाॅ. सुबोध अग्रवाल ने राज्य सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति की बैठक में कोविड उपचार में उपयोग में आ रहे उपकरणों खासतौर से आक्सीजन कन्सन्ट्रेटरों के उपयोग करते समय आवश्यक सावधानियां बरतने को कहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राज्य में ब्लेक फंगस के संक्रमण को देखते हुए इस पर चिंता व्यक्त कर चुके हैं।
उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन कन्सेन्ट्रेटरों के सुरक्षित उपयोग पर जोर दिया और कहा कि इससे इनकी प्रभावी उपयोगिता फलीभूत हो सकेगी। उन्होंने इनके उपयोग के क्या करें, क्या नहीं करे की विशेषज्ञों द्वारा सूची तैयार कर जारी करने को भी कहा है।
