जयपुर: राजस्थान में अब आम आदमी को मूल निवास प्रमाण पत्र (Bonafide certificate) के लिए पटवारी और तहसीलों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। राज्य सरकार ऑनलाइन मूल निवास प्रमाण पत्र जारी करने जा रही है।
इस में आने वाली व्यावहारिक कठिनाई को दूर करने के लिए गृह विभाग के तीन अधिकारियों की कमेटी गठित की गई है, यह कमेटी 9 जून को राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
किसी प्रतियोगिता के लिए फॉर्म भरना हो या फिर सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करना, युवाओं को शैक्षणिक दस्तावेज के साथ मूल निवास लगाना पड़ता है। मूल निवास बनाने के लिए उन्हें स्थानीय पटवारी और तहसील कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते है। इस प्रक्रिया में युवाओं का समय बर्बाद हो रहा है, वहीं, भ्रष्टाचार की भी आशंका बनी रहती है, इसे देखते हुए राज्य सरकार ने डिजिटल रूप से मूल निवास बनाना शुरू किया लेकिन उसमें भी युवाओं को व्यवहारिक परेशानियां सामने आई।
इसे देखते हुए राज्य सरकार ने पूर्ण रूप से ऑनलाइन मूल निवास प्रमाण पत्र (Bonafide certificate) जारी करने के लिए निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मूल निवास प्रमाण पत्र में आम आदमी को सहूलियत देने के निर्देश दिए।
