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कोरोना काल में मनरेगा बना किसानों एवं भूमिहीन मजदूरों का आर्थिक सुरक्षा कवच

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जयपुर। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री रमेश चंद मीना ने कहा कि कोरोना काल में मनरेगा ने प्रदेश में ग्रामीण किसानों एवं भूमिहीन मजदूरों के लिए एक आर्थिक सुरक्षा कवच के रूप में कार्य किया है। मनरेगा विश्व का सबसे बड़ा सामाजिक कल्याण कार्यक्रम है जिसने ग्रामीण क्षेत्रों में एक सकारात्मक बदलाव को प्रेरित किया है इसलिए योजना के तहत धरातल पर जो भी कार्य किए जा रहे हैं वह गुणवत्ता पूर्ण होने चाहिए।

ग्रामीण विकास मंत्री सोमवार को इंदिरा गांधी पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास संस्थान में आयोजित महात्मा गांधी नरेगा समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी नरेगा योजना में व्यक्तिगत लाभ के कार्यों को पात्र लाभार्थियों को प्राथमिकता से दिया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए मनरेगा में महिला मेटों को प्राथमिकता के साथ नियुक्त किया जाए जिससे महिलाओं को आर्थिक रूप से संभल प्रदान हो सके।

मनरेगा हेल्पलाइन नंबर का किया जाए व्यापक प्रचार-प्रसार

ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि ग्रामीण दूरस्थ क्षेत्रों में योजना के बारे में जानकारी नहीं होने की वजह से पात्र व्यक्ति रोजगार से वंचित हैं ऐसे में विभागीय हेल्पलाइन नंबर 1800-180-6127 का ज्यादा से ज्यादा प्रचार प्रसार किया जाना सुनिश्चित करें जिससे आम जन योजना की जानकारी प्राप्त कर सके एवं अपनी शिकायत भी दर्ज करा सके। मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम ऐप को प्रभावी बनाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने एवं इसका संबंधित अधिकारियों द्वारा शत-प्रतिशत उपयोग करने के भी निर्देश दिए।

फर्जी मस्टररोल जारी करने वालों के विरुद्ध होगी कार्यवाही

ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि प्रदेश में मनरेगा योजना के तहत जिन जिलों में फर्जी मस्टररोल जारी कर कार्य किए जाते हैं ऐसे लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने योजना के तहत एक जिले से दूसरे जिले में गुणवत्ता की जांच करवाने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि किसी भी विभागीय अधिकारी या कर्मचारी द्वारा निर्माण कार्यों में गंभीर अनियमितता अगर पाई जाती है तो ऐसे कार्मिकों के विरुद्ध एफआइआर भी दर्ज करवाई जाएगी।

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कार्यस्थल पर मनरेगा मजदूरों के पास हो जॉब कार्ड

पंचायती राज मंत्री ने कहा कि मनरेगा श्रमिकों के पास कार्यस्थल पर जॉब कार्ड एवं मेट के पास प्रपत्र संख्या 6 भी उपलब्ध रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि योजना के तहत प्रत्येक गांव में पर्याप्त मात्रा में कार्य स्वीकृत किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि जो निर्माण कार्य 75 प्रतिशत से अधिक पूर्ण हो चुके हैं लेकिन किसी कारणवश कई वर्षों से अटके पड़े हुए हैं उन्हें प्राथमिकता से पूर्ण किया जाना सुनिश्चित करें।

समय पर किया जाए भुगतान

ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि मनरेगा योजना के तहत मजदूरों को समय पर भुगतान करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि मनरेगा में वृक्षारोपण किए जाने का प्रावधान है इसलिए चरागाहों पर फलदार एवं छायादार वृक्ष ज्यादा से ज्यादा लगाए जाएं। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच हेतु थर्ड पार्टी से निरीक्षण करवाया जाने के भी निर्देश दिए। बैठक में ग्रामीण विकास विभाग के शासन सचिव डॉ के के पाठक, मनरेगा आयुक्त अभिषेक भगोतिया सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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