उदयपुर : फर्जी मार्कशीट के मामले में पत्नी के बतौर अभिभावक साइन करने के मामले में आरोपी पाए जाने के बाद पिछले दिनों गिरफ्तार हुए विधायक को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। सराड़ा और सलूम्बर एडीजे कोर्ट से जमानत याचिका के रद्द होने के बाद अब विधायक अमृतलाल मीणा को बड़ी राहत मिली है। देर शाम तक हाईकोर्ट से जमानत के आदेश सलूम्बर जेल पहुंच सकते है। माना जा रहा है कि सलूम्बर जेल में आदेश मिलने के बाद कल सुबह तक मीणा की रिहाई हो सकती है।
सलूम्बर से भाजपा विधायक अमृतलाल मीणा ने 12 जुलाई को सराड़ा कोर्ट में सरेंडर किया था। इस दौरान मीणा की जमानत पर सुनवाई कोर्ट करते हुए सराड़ा कोर्ट ने उन्हें जमानत देने से इंकार कर दिया। जमानत खारिज होने के बाद से विधायक मीणा सलूम्बर जेल में बंद है। बताया जा रहा है कि इस दौरान सराड़ा कोर्ट और सलूम्बर एडीजे कोर्ट ने जमानत याचिका रद्द की।
पत्नी को लड़ाया था सरपंच का चुनाव
6 साल पहले 2015 में विधायक अमृतलाल मीणा की पत्नी शांता देवी को सरपंच का चुनाव लड़ाया था। इस चुनाव में शांता देवी ने निकट प्रतिद्वंद्वी सुगना देवी को शिकस्त दी थी। लेकिन चुनाव परिणाम के बाद सेमारी सरपंच बनने वाली शांता देवी के खिलाफ फर्जी मार्कशीट पर चुनाव लड़ने आरोप लगा। हारने वाली सुगना देवी की ओर से दर्ज शिकायत के बाद जांच सीबी-सीआईडी ने की और इसमें अमृतलाल की पत्नी शांतादेवी की मार्कशीट नकली पाई गई थी।
