जयपुर। अवैध खनन व परिवहन के विरुद्ध राज्य का माइंस विभाग एक्सन मोड में आ गया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि रविवार को समूचे प्रदेश में खान विभाग के अधिकारियों की ओर से बड़ी कार्यवाही करते हुए 50 से अधिक वाहन व मशीनरी जब्त की गई। अकेले अलवर में पुलिस प्रशासन के साथ संयुक्त कार्यवाही करते हुए 29 वाहन जब्त किए। इनमें अलवर के एमआईए थाना क्षेत्र के घिगोली में प्रशिक्षु आईपीएस विकास सांगवान और फोरमेन जैदअली ने बड़ी कार्यवाही कार्यवाही करते हुए 24 वाहन व मशीनरी जब्ती की। जयपुर, टोंक, सवाई माधोपुर, डूंगरपुर, राजसमंद, कोटा, जोधपुर आदि से कार्यवाही के समाचार है।
एसीएस माइंस डॉ. अग्रवाल ने बताया कि राज्य सरकार ने सभी जिलों में अवैध खनन और परिवहन की रोकथाम के लिए खान, राजस्व, वन, परिवहन और पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा जयपुर में दो ट्रेक्टर ट्राली, सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा और बौंली में दो दो वाहन, भीलवाड़ा में 3, राजसमंद में 2, जोधपुर में 2, कोटा में एक व डूंगरपुर और अन्य स्थानों से भी अवैध परिवन में लिप्त वाहनों और उपकरणों की जब्ती के समाचार है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा अवैध खनन और परिवहन को गंभीरता से लिया जा रहा है और इसके विरुद्ध सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए हुए हैं।
एसीएस माइंस डॉ. अग्रवाल ने बताया कि खान एवं पेट्रोलियम मंत्री प्रमोद जैन भाया राज्य में अवैध खनन व परिवहन गतिविधियों को लेकर गंभीर है और पिछले दिनों ही अवैध खनन व परिवहन की समीक्षा करते हुए सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा अवैध खनन और परिवहन की रोकथाम के लिए गंभीरता को इसी से समझा जा सकता है कि राज्य में अवैध खनन और परिवहन के एक अप्रेल से 15 अगस्त के दौरान ही 3538 मामलें पकड कर 254 एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही करीब 25 करोड़ रुपए से अधिक की जुर्माना राशि वसूली गई है। इस दौरान करीब 3600 वाहन, उपकरण व मशीनरी आदि जब्त की जा चुकी है। अवैध खनन व परिवहन की रोकथाम के लिए अधिकारियों को फिल्ड विजिट के निर्देश दिए गए हैं वहीं अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि उनके क्षेत्र में अवैध खनन और परिवहन पर सख्त कार्यवाही करे। उन्होंने कहा कि इस पर किसी तरह की कोई कोताही बर्दास्त नहीं होगी।
डा. अग्रवाल ने बताया कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में टास्क फोर्स के गठन के साथ ही जिला स्तर पर जिला कलक्टर की अध्यक्षता में गठित कमेटी की बैठक में मासिक समीक्षा की जा रही है। उन्होंने बताया कि वन भूमि पर अवैध खनन की रोकथाम के लिए वन विभाग, खातेदारी भूमि पर तहसीलदार और पटवारी, शहरी व आबादी भूमि में जेडीए आदि संबंधित संस्थाएं व राजकीय भूमि पर अवैध खनन गतिविधियों पर कार्यवाही के लिए खान विभाग को अधिकृत किया गया है। विभाग के फोरमेन से लेकर अधिकारियों तक आवश्यक कार्यवाही के अधिकार दिए हुए हैं।

