जयपुर : नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी ( NTCA) (National Tiger Conservation Authority) ने बूंदी के रामगढ़ विषधारी वन्यजीव अभयारण्य (Ramgarh Vishdhari Wildlife Sanctuary) को टाइगर रिजर्व बनाए जाने की सैद्धांतिक सहमति दे दी है। राज्य सरकार इसे टाइगर रिजर्व के रूप में अधिसूचित करेगी और उसके बाद यहां एनक्लोजर बनाने, टाइगर रिजर्व की फेंसिंग आदि का कार्य किया जाएगा और बाघों को यहां शिफ्ट किया जाएगा।
रामगढ़ विषधारी अभ्यारण्य सदियों से ही वन्यजीवों का आवास रहा है। ये रणथंभौर टाइगर रिजर्व और कोटा के मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के बीच एक गलियारे की तरह स्थित है और यहां पर बाघों का आना जाना लगा रहता है। रणथम्भौर से टी-91 और टी-62 बाघ यहां आ चुके हैं और गत वर्ष से टी-115 का लगातार रामगढ़ में मूवमेंट बना हुआ है। बाघों के मूवमेंट और यहां उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों को देखते हुए इसे टाइगर रिजर्व घोषित किए जाने की मांग की जा रही थी। रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व का कोर एरिया 30920.51 हेक्टेयर का होगा जबकि बफर जोन 74091. 93 हेक्टेयर का होगा।
