जयपुर: विधानसभा बजट सत्र में प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने महाराणा प्रताप से जुड़े स्थानों पर विकास का मुद्दा उठाया। पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने जवाब दिया कि एक साल से छुट्टी पर था। मेरे पीछे से यह विभाग मुख्यमंत्री के पास था। इस जवाब पर कटारिया सहित पक्ष-विपक्ष के विधायक भी हंसने लगे।
बीजेपी विधायक धर्म नारायण जोशी ने महाराणा प्रताप से संबंधित स्थानों के रेनोवेशन और विकास से जुड़ा मूल सवाल लगाया था। इसके जवाब में पर्यटन मंत्री ने बताया कि महाराणा प्रताप से सम्बन्धित स्थलों के विकास और संरक्षण के लिए मेवाड़ कॉम्प्लेक्स फेज-दो के तहत काम हुए हैं। नेता प्रतिपक्ष कटारिया ने सवाल उठाया कि जो जवाब दिया है, उसके हिसाब से 2018-19 के बाद कोई काम नहीं हुआ है। साल 2019-20 और 20-21 का कॉलम खाली है। इससे आपको लग गया होगा कि विभाग का क्या रवैया है? इसके जवाब में पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने कहा— मैं एक साल छुट्टी पर चला गया था, सीएम के पास इस विभाग का चार्ज था। अब वापस आया हूं। इस काम में तेजी लाई जाएगी। आपके आदेश का पालन होगा।
सचिन पायलट खेमे की बगावत के समय 14 जुलाई 21 को विश्वेंद्र सिंह, रमेश मीणा को मंत्री पद से हटाया गया था। साथ ही पायलट को डिप्टी सीएम पद से बर्खास्त किया गया था। विश्वेंद्र सिंह पर्यटन मंत्री के पद से बर्खास्त हुए थे। 35 दिन की बाड़ेबंदी के बाद सुलह हुई थी। नवंबर 2021 में विश्वेंद्र सिंह को वापस पर्यटन मंत्री बनाया गया। रमेश मीणा को भी वापस कैबिनेट मंत्री बनाया गया। आज विश्वेंद्र सिंह ने उसी का जिक्र किया है।
