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केंद्रीय दफ्तरों के लिए अब मुफ्त जमीन, शहरी जमीनों पर असमंजस

जयपुर। आमजन को प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित करने वाले केन्द्र सरकार के विभागों, उपक्रमों, निगमों, प्रतिष्ठानों आदि को राज्य सरकार निःशुल्क भूमि आवंटित कर सकेगी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस संबंध में प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

उल्लेखनीय है कि राजस्व विभाग के 2 मार्च, 1987 के एक परिपत्र में केन्द्र सरकार के विभागों, प्रतिष्ठानों एवं उपक्रमों के लिए कीमतन भूमि आवंटित करने का प्रावधान है। सीएम गहलोत की इस स्वीकृति के बाद अब इस परिपत्र में संशोधन किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री के इस निर्णय से वाणिज्यिक गतिविधियां संचालित नहीं करने वाले केन्द्र सरकार के ऐसे कार्यालयों, विभागों, निगमों, प्रतिष्ठानों एवं उपक्रमों को निःशुल्क भूमि आवंटित किया जाना संभव होगा, जिनसे राज्य के आमजन सीधे तौर पर लाभान्वित होते हैं। इससे केन्द्र सरकार के संगठनों द्वारा संचालित विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं अस्पतालों आदि को भी निःशुल्क भूमि का आवंटन हो सकेगा।

शहरों में जमीन आवंटन मुफ्त या नहीं इस पर अब भी असमंजस

केंद्र सरकार के विभागों और बोर्ड निगमों को शहरों में जमीन आवंटित करने के प्रावधानों में यूडीएच विभाग की नई जमीन आवंटन नीति में हाल ही बदलाव कर उसे महंगा किया था। मुख्यमंत्री के ताजा फैसले में यह साफ नहीं है कि शहरों में जमीन मुफ्त मिलेगी या नहीं। शहरों में मुफ्त जमीन के लिए जमीन आवंटन नीति में प्रावधान बदलने का संशोधन करना होगा।

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