जयपुर : गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर एसएसजी पारीक पीजी महिला महाविद्यालय में “ई-टीचिंग एंड फीचर्स ऑफ लर्निंग एंड अडाॅप्शन” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य वक्ता एवं अतिथि के रूप में प्रोफेसर एस एल शर्मा (डीन एंड सिंडिकेट मेंबर, यूनिवर्सिटी ऑफ राजस्थान तथा प्रोफेसर सुषमा सूद (एमरिट्स, यूनिवर्सिटी ऑफ राजस्थान) उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत विशिष्ट अतिथियों प्रो. गोविंद पारीक (चेयरपर्सन), प्रबंध कारिणी समिति के सचिव अशोक कुमार केशौट, डॉ. विजयलक्ष्मी पारीक (प्राचार्य, पारीक पीजी महिला महाविद्यालय ,जयपुर), डॉ. एन.एम शर्मा (प्राचार्य, पारीक पीजी महाविद्यालय,जयपुर), डॉ. प्रमिला दुबे (प्राचार्य,पारीक पीजी कॉलेज ऑफ एजुकेशन,जयपुर), डॉ. सुमित्रा पारीक (प्राचार्य पारीक महिला महाविद्यालय,चौमू), श्रीमती चंदा शर्मा (प्राचार्य,पारीक पब्लिक स्कूल,जयपुर) द्वारा सरस्वती पूजन एवं वंदना कर सोविनियर के विमोचन के साथ की गई।
मुख्य वक्ता प्रो एस.एल शर्मा ने बताया कि समाज में शिक्षक का महत्वपूर्ण स्थान होता है। पीढ़ी दर पीढ़ी बौद्धिक परंपराओं को तकनीकी कौशल के संचरण के माध्यम से वर्तमान परिस्थितियों में विद्यार्थियों तक आसानी से पहुंचाया जा सकता है, इसलिए यह विषय सभी के लिए महत्वपूर्ण है। प्रोफेसर सुषमा सूद ने अपने विचार प्रकट करते हुए बताया कि ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली को सभी प्रकार की शिक्षा और अध्यापन के रूप में प्रसारित किया जा सकता है। ई-शिक्षा के द्वारा शिक्षार्थियों में अनुशासन और कैरियर में आवश्यक डिजिटल साक्षरता कौशल द्वारा उनकी अंतर्निहित क्षमताओं को विकसित किया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य डॉ. विजयलक्ष्मी पारीक ने आगंतुक विशिष्ट अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कोविड-19 में विद्यार्थियों की समस्याओं को साझा करते हुए बताया की ऑनलाइन शिक्षण में छात्र किसी भी समय पाठ्य सामग्री प्राप्त कर सकता है। सभी ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के लिए उच्च प्रौद्योगिकी की आवश्यकता नहीं होती, केवल बुनियादी इंटरनेट एवं ऑडियो वीडियो की जानकारी के साथ ही छात्र ई- शिक्षा के माध्यम से भविष्य में सभी परिस्थितियों में स्वयं को सिद्ध कर सकता है। उपप्राचार्य डॉ. सरोज पारीक, कार्यक्रम समन्वयक डॉ. महेश नावरिया एवं समस्त स्टाफ सदस्यों द्वारा कार्यक्रम का सफल संचालन किया गया।

