जयपुर। राज्य के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की बजट घोषणा के अनुरूप चिकित्सा सेवा में छूट के आदेश जारी कर दिए। ये छूट कल से लागू हो जाएगी। आदेशो के अनुसार अब राज्य के सभी श्रेणी के राजकीय चिकित्सा संस्थानों में उपलब्ध ओपीडी एवं आईपीडी सुविधायें प्रदेशवासियों को पूर्णतः निःशुल्क मिलेगी।
इन संस्थानों में ओपीडी एवं आईपीडी में रजिस्ट्रेशन हेतु दिया जाने वाला शुल्क 01 अप्रैल, 2022 से समाप्त कर दिया जायेगा। इसके उपरांत ओपीडी एवं आईपीडी रजिस्ट्रेशन निःशुल्क होगा। इसी प्रकार राजकीय चिकित्सा संस्थानों में ओपीडी में आने वाले तथा आईपीडी में भर्ती मरीजों को समस्त दवाईयां एवं राजकीय चिकित्सा संस्थानों में जांचें निःशुल्क प्रदान की जायेंगी।
राजकीय चिकित्सालयों में कार्यरत चिकित्सक यह सुनिश्चित करेंगे कि चिकित्सालय के दवा वितरण केन्द्र में उपलब्ध दवा मरीजों को लिखी जावें। विशेष परिस्थिति में आवश्यक होने पर अन्य दवा नियमानुसार क्रय कर रोगी को उपलब्ध कराई जायेगी। विभिन्न राजकीय चिकित्सालयों में पीपीपी मोड पर संचालित सुविधायें यथा-सीटी स्केन, एमआरआई एवं डायलिसिस आदि भी रोगियों को निःशुल्क उपलब्ध कराई जायेंगी। ये शुल्क संबंधित चिकित्सा संस्थान द्वारा भुगतान किया जायेगा। परंतु राज्य के बाहर से आने वाले मरीजों से नियमानुसार शुल्क लिया जायेगा। मरीज के प्रदेशवासी होने प्रमाण के रूप में मरीज का जन आधार कार्ड अथवा अन्य दस्तावेज लिये जायेंगे।
आदेशो में कहा गया है कि मरीज के उपचार से संबंध नही रखने वाली अन्य सुविधायें यथा-पार्किंग, केन्टीन, कॉटेज वार्ड आदि का शुल्क राजस्थान मेडिकल रिलिफ सोसायटी की नियमावली के अनुसार यथावत रहेंगा। एक माह ट्रायल के बाद योजना का औपचारिक प्रारंभ 01 मई, 2022 से होगा।
