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देवस्थान विभाग की श्रीमद् भागवत कथा यज्ञ में शुक्रवार को होगा नंदोत्सव

देवस्थान विभाग का श्रीमद भागवत कथा यज्ञ में शुक्रवार को होगा नंदोत्सव

जयपुर। राज्य सरकार के देवस्थान विभाग के सानिध्य में बलदेव मंदिर परशुराम द्वारा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन भक्त प्रहलाद के चरित्र की व्याख्या करते हुए अकिंचन महाराज ने कहा कि वृद्धावस्था में देह की भक्ति होती है तो प्रभु भक्ति का सही समय बचपन यानी कि बाल्यावस्था ही होती है। व्यासपीठ से प्रवचन करते हुए अकिंचन महाराज ने कहा कि जवानी में योवन का मद रहता है और व्यक्ति उस योवन के मद में सबकुछ भूल जाता है।

इसी तरह से बुढ़ापा आते आते शरीर षिथिल हो जाता है और व्यक्ति अपनी शरीर को ही संभालने में लगा रहता है। उन्होंने कहा कि भक्त प्रहलाद का चरित्र इसका उदाहरण है। अकिंचन महाराज ने कहा कि भक्त प्रहलाद के चरित्र से यही सीख मिलती है कि माता-पिता को बचपन से ही बच्चों में भगवन भक्ति के संस्कार डालने चाहिए। बचपन के संस्कार ही जीवन भर साथ देते हैं और व्यक्ति को युवावस्था में पथभ्रष्ट होने से रोकते हैं।

श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन अकिंचन महाराज ने व्यासपीठ से अजामिल चरित्र, प्रहलाद चरित्र, गजेन्द्र मोक्ष, समुंद्र मंथन और वामन अवतार के प्रसंगों से श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। श्रीमद्भागवत कथा में अकिंचन जी महाराज शुक्रवार को नंद उत्सव मनाया जाएगा। इसके साथ ही अंबरिष चरित्र, मत्स्यावतार, श्रीराम कथा और श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के प्रसंगों पर प्रवचन होगा। श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह का आयोजन देवस्थान विभाग द्वारा स्व. जय दयाल शर्मा मेमोरियल एण्ड चेरिटेबल ट्रस्ट, निर्मल छाया विकास समिति और जनकल्याण आमेर रोड़ विकास समिति के सहयोग से किया गया है। कथा दोपहर एक बजे से सांय पांच बजे तक होगी।

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