जयपुर : राजस्थान राज्य कौशल विकास निगम (RSLDC) में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई जारी है। एसीबी ने दो दिन बाद सोमवार को बंद किए गए RSLDC के नौ कमरों की सील खोली। इसके बाद DSP बहादुर सिंह के नेतृत्व में ACB ने RSLDC परिसर में पहुंचकर करीब छह घंटों तक सील किये बंद कमरों में रिकॉर्ड खंगाले गए। पांच लाख रुपए की रिश्वत मांगने की शिकायत देने वाले परिवादी सहित अन्य फर्म संचालकों की फाइलों को कमरों से जब्त किया। एसीबी की टीम दोपहर करीब 12 बजे RSLDC पहुंची।
पांच बैगों में रिकॉर्ड जब्त कर शाम 6 बजे लौटी एसीबी टीम
सूत्रों के मुताबिक इनमें जब्त की गई वे भी फाइलें थी जिन फर्मों को ब्लैकलिस्ट किया गया था और ब्लैकलिस्ट करने के बाद नाम हटाकर राहत दी थी। शाम करीब 6 बजे एसीबी की टीम करीब चार पांच बैगों में रिश्वतकांड से जुड़ी अहम दस्तावेज लेकर वापस लौटी है। एसीबी की कार्रवाई की वजह से कौशल विकास निगम का कार्यालय में सन्नाटा पसरा रहा। ज्यादातर कर्मचारी व अफसर इधर उधर ही रहे। इसका असर सामान्य दिनों में होने वाले कामकाज पर भी पड़ा।
IAS नीरज के पवन का मोबाइल की फोरेंसिक लैब में होगी जांच
एसीबी सूत्रों के मुताबिक शनिवार को जोधपुर में जब्त किए गए आईएएस नीरज के. पवन के मोबाइल फोन भी जयपुर मंगवा लिए है। इसके अलावा अन्य मोबाइल फोन पहले ही जब्त है। अब इनको जांच के लिए मंगलवार तक फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) भेजा जाएगा। इसमें खुलासा होगा कि IAS ने क्या क्या चैट डिलीट की है।
शिकायत दर्ज करने के बाद शनिवार को हुई ट्रेप कार्रवाई में एसीबी कल तक मुकदमा भी दर्ज करेगी। रिश्वतकांड से जुड़े पीड़ित व अन्य लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे है। इससे पहले एसीबी के एएसपी पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ की टीम ने अशोक सांगवान और राहुल कुमार गर्ग को रविवार को कोर्ट में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया था। उनसे गहनता से पूछताछ की जा रही है।
शनिवार को 5 लाख रुपए रिश्वत लेते ट्रेप हुए थे दो अफसर
ACB ने करीब 300 लोगों को ट्रेनिंग देने के बाद डेढ़ करोड़ रुपए का बकाया बिल का भुगतान करने और फर्म का नाम ब्लैकलिस्ट से बाहर करने की एवज में पांच लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए अशोक सांगवान और राहुल कुमार गर्ग को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपियों कौशल विकास निगम के बड़े अफसरों के कहने पर रिश्वत की मांग करना बताया था। तब एसीबी ने तत्काल 9 कमरे सील कर दिए। फिर आईएएस नीरज के पवन, आईएएस प्रदीप गवड़े सहित दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए।
