जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जिस बहुमंजिला विधायक कॉम्प्लैक्स का शिलान्यास किया उनके निर्माण से पहले ही ये आवास विधायकों की प्रायवेसी, सुरक्षा व शांति भंग जैसे खतरे की आशंकाओं के घेरे में आ गए है। इसका मूल कारण आसपास बनी अवैध बहुमंजिला इमारते है।
इन्हीं आशंकाओं से सरकार को अवगत करवाने के लिए पूर्व मंत्री व भाजपा विधायक प्रताप सिंह सिंघवी ने राजस्थान विधानसभा के स्पीकर डॉ.सी.पी.जोशी, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल को पत्र भी लिखा है जिसमे कहा गया है कि राजस्थान विधानसभा के पास प्रस्तावित बहुमंजिला विधायक कॉम्प्लैक्स के पास नियम विरुद्ध हो रहे अवैध निर्माणों पर रोक लगनी चाहिए।
सिंघवी ने पत्र में बताया कि राजस्थान विधानसभा भवन के पास विधायक आवासों को तोड़कर जिस अत्याधुनिक बहुमंजिला विधायक कॉम्प्लैक्स बनाया जाएगा उसकी दीवार से सटे विधायक नगर आवासीय कॉलोनी है, जिसमें छोटे-छोटे भूखंडों पर नियम विरुद्ध छह व सात मंजिला कॉम्प्लैक्स बन रहे हैं। भूखण्ड संख्या 5,6,7,14,15 में जेडीए के स्वीकृत नक्शों के विपरीत निर्माण कार्य कर लिए गए हैं। विधायक कॉम्प्लैक्स की तरफ खिड़की व दरवाजे खोल दिए हैं। सेटबैक नहीं रखा। पार्किंग भी नहीं छोड़ी है। स्वीकृत एफआर से अधिक ऊंचाई पर निर्माण कर लिया गया है।

इन निर्माणाधीन भवनों में अग्निशमन व पर्यावरण नियमों की अवहेलना भी की गई है। अग्निशमन व पर्यावरण विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र तथा जेडीए से पूर्णता प्रमाण पत्र प्राप्त किए बिना ही भू-कारोबारियों ने फ्लैट बेचना शुरू कर दिया हैं, जो नियम विरूद्ध है। इन अवैध निर्माण कार्यों से विधायक कॉम्प्लैक्स की सुरक्षा व शांति में खलल पडऩे की पूरी संभावना है। साथ ही विधायकों की प्रायवेसी में भी खलल पड़ेगा।
सिंघवी ने पत्र में मांग की है कि विधायक नगर कॉलोनी के भूखण्ड संख्या 5,6,7,14,15 में नियम विरुद्ध तरीके से हो रहे निर्माण कार्यों की वरिष्ठ अधिकारी से जांच करवाई जाए,क्योंकि नियम विरुद्ध निर्माण कार्य जेडीए के अफसरों की मिलीभगत से हो रहे हैं, जिनकी भूमिका की भी जांच करवाई जानी चाहिए। स्वीकृत मानचित्र से विपरीत हुए निर्माण कार्यों को तत्काल रुकवाया जाए और जो गलत कार्य हुए हैं, उन्हें ध्वस्त किया जाए। विधायक कॉम्प्लैक्स की तरफ दरवाजे, खिड़की व रोशन दान खोले जाने पर पाबन्दी लगाई जाए।
दिखावे की कार्रवाई कर छोड़ा
जयपुर विकास प्राधिकरण के प्रवर्तन दस्ते ने विधायक नगर पश्चिम में बने अवैध भवनों को छोड़ दिया। यहा प्लाट नंबर 15 में 18 मीटर ऊंचाई में भवन के पास केवल 15 मीटर की ही इजाजत है साथ में सैटबेक के नियमों का उल्लंघन किया हुआ है। जेडीए ने प्लाट नंबर 15 के भवन पर कोई कार्रवाई नहीं की जबकि नियमानुसार बन रहे दो छोटे भूखंडों की निर्माण सामग्री जब्त कर ली। इसी तरह इसी भवन के पास बने प्लाट नबर 14 में भी सैटबैक के वायलेशन किए हुए हैं। जेडीए ने उस पर भी कोई कार्रवाई नहीं की। दिखावे के लिए लालकोठी में बने एक भवन को सील कर दिया।
विधानसभा से भी बड़ा हो गया अवैध भवन
जेडीए के अधिकारी भूखंड संख्या 15 के अवैध निर्माण को संरक्षण देने में इस कदर लगे हुए है कि उन्हें विधानसभा की सुरक्षा का भी ध्यान नहीं रहा। इस भूखंड मालिक के पास सिर्फ 15 मीटर की ही इजाजत है जबकि उसने मौके पर 18 मीटर का निर्माण किया हुआ है। खुद विधानसभा ने अपने विधायकों के लिए बन रहे विधायक नगर पूर्व के आवासों की ऊंचाई सिर्फ 15 मीटर ही रखने के निर्देश जेडीए को दिए हैं। उसी के अनुसार अब भवन की रिप्लानिंग हो रही है जबकि जेडीए इसकी ऊंचाई 28 मीटर रखना चाहता था, राज्य सरकार ने भी उसकी इजाजत दे दी थी इसके बावजूद विधानसभा ने अपने भवनों की ऊंचाई निर्धारित 15 मीटर में ही रखने का फैसला किया।
