दिल्ली/जयपुर: राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने सोमवार को संसद में भारत सरकार द्वारा कृषि कानूनों को रद्द करने से जुड़े मामले में कहा कि यह किसानों की जीत है। सांसद ने कहा किसानों के लंबे संघर्ष और 700 किसानों की शहादत के बाद केंद्र सरकार झुक गई। उन्होंने कहा कि काश समय रहते सरकार संज्ञान लेती तो किसानों को शहादत नही देनी पड़ती और तपती धूप, कड़ाके की ठंड व बारिश के दौर में भी किसान डटे रहे और एनडीए के सहयोगी दल होने के बावजूद आरएलपी ने सत्ता को ठोकर मारकर किसानों का साथ दिया और लंबा संघर्ष किसानों के लिए किया।
सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा जिन किसानों ने आंदोलन में शहादत दी उनके परिजनों को आर्थिक पैकेज भी मोदी सरकार को देना चाहिए। साथ ही किसानों पर आंदोलन में दर्ज मुक़दमो को वापिस लेने की मांग की साथ ही एमएसपी पर जल्द से जल्द कानून भी सरकार को बनाना चाहिए। गौरतलब है कि राजस्थान के शाहजहांपुर बॉर्डर पर स्वयं सांसद हनुमान बेनीवाल 60 दिनों से अधिक समय तक जयपुर दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम करके आंदोलन के समर्थन में बैठे रहे। वही केंद्र में एनडीए से गठबंधन तोड़ा और लोक सभा मे भी कई बार कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग उठाई। संसद भवन के बाहर एनडीए में पुनः जाने से जुड़े पत्रकारो के एक सवाल का जवाब देते हुए सांसद ने कहा कि अभी एनडीए में जाने उनका कोई मन नही है।
