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पीक आवर्स में कम लागत की विद्युत उपलब्धता की बनेगी रणनीति -एसीएस एनर्जी डॉ. सुबोध अग्रवाल

A strategy will be made for the availability of low cost electricity in peak hours - ACS Energy Dr. Subodh Agarwal | पीक आवर्स में कम लागत की विद्युत उपलब्धता की बनेगी रणनीति - एसीएस एनर्जी डॉ. सुबोध अग्रवाल

जयपुर। अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस, पेट्रोलियम एवं एनर्जी डॉ. सुबोध अग्रवाल ने कहा है कि अधिकतम मांग के समय (पीक ऑवर्स) कम लागत की विद्युत उपलब्धता बनाए रखने के हर संभव प्रयास करने होंगे। इसके लिए पीक ऑवर्स सुबह 5 से 9 बजे और सायं साढ़े पांच से रात दस बजे के लिए कम लागत की इकाइयों में उत्पादन बढ़ाने, राज्य की सोलर व विण्ड विद्युत इकाइयों के उत्पादन पर निर्भरता अधिक करने और आवश्यकता होने पर अन्य ग्रीड्स से समन्वय बनाते हुए सस्ती दर पर विद्युत खरीदने की रणनीति बनानी होगी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में बिना किसी कट के बिजली की उपलब्धता बनाए रखने, कम लागत की बिजली की उपलब्धता बढ़ाने और बेहतर वित्तीय प्रबंधन से बिजली कंपनियों की घाटे को कम करने की बड़ी चुनौतियां है और इन चुनौतियों का परस्पर समन्वय, सहयोग और प्रबंधकीय दक्षता से निपटने के समन्वित प्रयास किए जाएंगे।

एसीएस एनर्जी डॉ. सुबोध अग्रवाल मंगलवार को विद्युत भवन में राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। राज्य में कोयला, गैस, जलीय और लिग्नाईट आधारित परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होेंने कहा कि अधिक उत्पादन लागत व पुरानी हो चुकी इकाइयों के विकल्प के रुप में आधुनिकतम तकनीक व सुपर क्रिटिकल या अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल इकाइयों में चरणवद्ध तरीके से बदलने की संभावना तलाशनी होगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए शोध व मोनेटरिंग विंग को मजबूत व सक्रिय किया जाएगा।

डॉ. अग्रवाल ने कहा कि राज्य में अक्षय उर्जा के उत्पादन बढ़ाने पर खास ध्यान दिया जाएगा। 2000 मेगावॉट क्षमता के सोलर पार्क की स्थापना 810 मेगावॉट सोलर उर्जा परियोजना की प्रगति समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि दो हजार के स्थान पर 4 हजार मेगावॉट क्षमता के सोलर पार्क की स्थापना के प्रयास किए जाएं ताकि सस्ती दर की ग्रीन एनर्जी का अधिक उत्पादन हो सके। उन्होंने उत्पादन, लागत, कच्चे माल की उपलब्धता, बिजली खरीद व्यवस्था, वित्तीय स्थिति और भावी संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी ली।

राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम के सीएमडी आरके शर्मा ने प्रजेंटेशन के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम द्वारा 8597.35 मेगावॉट उत्पादन क्षमता की इकाइयों का परिचालन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि निगम द्वारा अपनी उपलब्ध उत्पादन क्षमता का अधिकतम उपयोग किया जा रहा है।

सीएमडी आरके शर्मा ने निगम की वर्तमान स्थापित क्षमता एवं भविष्य की संभावनाओें, उत्पादन निगम की वित्तीय स्थिति, सोलर पार्क व सोलर उर्जा परियोजना की प्रगति आदि की विस्तार से जानकारी दी। बैठक में निदेशक वित  एकेसी भण्डारी, कंपनी सचिव सुब्रहमण्यम्, अतिरिक्त मुख्य अभियंताओं में पीएस सक्सैना, देवेन्द्र श्रृंगी, अनिल मिढ्ढा व मुख्य अभियंता सिविल मंगल सिंह सहित निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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