माइंस क्षेत्र में 173 निवेशकों द्वारा 3057 करोड़ का निवेश, प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार की राह प्रशस्त – डॉ. अग्रवाल

- 50 करोड़ से अधिक के 9 निवेषकों द्वारा 2789 करोड़ का निवेश
- 50 करोड़ से कम के 164 निवेशकों द्वारा 268 करोड़ का निवेष
- निवेशकों से निरंतर समन्वय व सहयोग से धरातल पर उतरने लगे हैं एमओआई एलओआई

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जयपुर। राज्य में इंवेस्ट राजस्थान समिट के तहत माइंस क्षेत्र से संबंधित निवेशकों से किए गए एमओयू/एलओआई धरातल पर उतरने लगे हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि प्रदेष में माइंस से जुड़े 173 एमओयू/एलओआई में 3057 करोड़ रु. का निवेश किया जा चुका है। करीब 2 हजार लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त हुआ है वहीं हजारों लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार की राह खुल गई है।

एसीएस माइंस डॉ. सुबोध अग्रवाल ने सचिवालय में इंवेस्ट समिट में माइंस क्षेत्र के हस्ताक्षरित एमओयू/एलओआई की प्रगति समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने जिला स्तर तक के अधिकारियोें को निर्देश दिए कि इंवेस्ट राजस्थान समिट के तहत हस्ताक्षरित एमओयू/एलओआई की नियमित मोनेटरिंग की जाए और निवेशकों से समन्वय बनाते हुए उन्हें आवश्यक सहयोग व मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए ताकि विभाग से संबंधित एमओयू एलओआई तेजी से धरातल पर आ सकें।

डॉ. अग्रवाल ने बताया कि इंवेस्ट समिट के तहत हस्ताक्षरित एमओयू/एलओआई में 50 करोड रु. से अधिक के निवेश प्रस्ताव की समीक्षा व मोनेटरिंग उद्योग विभाग व बीआईपी द्वारा किया जा रहा हैं वहीं 50 करोड़ से कम के निवेशकों से मांइस विभाग द्वारा मोनेटरिंग व समन्वय स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नियमित समन्वय और मोनेटरिंग का परिणाम है कि कम समय में ही राज्य में माइनिंग क्षेत्र में 50 करोड़ रु. से अधिक के निवेशकों में से 9 निवेशकों द्वारा 2789 करोड़ 80 लाख रुपए का निवेश किया जा चुका हैं वहीं 50 करोड़ रु. से कम के निवेशकों में से 164 निवेशकों द्वारा 267 करोड़ 99 लाख रुपए का निवेश किया जा चुका है।

एसीएस डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि माइंस क्षेत्र में निवेशकों द्वारा खनिज आधारित उद्योगों की स्थापना, खनन गतिविधियों में तेजी लाने, खनन क्षमता बढ़ाने और इससे जुड़ी गतिविधि क्षेत्र में निवेश के लिए एमओयू एलओआई किए गए हैं।

निदेशक माइंस केबी पण्ड्या ने बताया कि माइंस विभाग के मुख्यालय से लेकर जिला स्तरीय अधिकारियों को उनके क्षेत्र के निवेशकों से समन्वय बनाया जा रहा है और उसी का परिणाम है कि माइंस से जुड़े निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतरने लगे हैं।

बैठक में उपसचिव नीतू बारुपाल, ओएसडी महावीर प्रसाद मीणा, एसजी संजय दुबे, अतिरिक्त निदेशक बीएस सोढ़ा, जय गुरुबख्सानी व एसएमई जयपुर प्रताप मीणा, डीएलआर गजेन्द्र सिंह ने हिस्सा लिया।

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