जयपुर : मुख्यमंत्री अशोक गहलोत वीसी के जरिए पंचायत स्तर से लेकर ब्लॉक और जिला लेवल तक वैक्सीनेशन पर आयोजित संवाद में तीसरी लहर से बचने के लिए वैक्सीनेशन के साथ मास्क तथा कोरोना प्रोटोकॉल की पालना पर जोर दिया गया और कहा गया कि इन सावधानियों के प्रति लापरवाही बरतना तीसरी लहर को न्योता देना हैं। मुख्यमंत्री हो या चिकित्सा विशेषज्ञ सबकी एक ही राय थी कि लोगों का जीवन बचाने के लिए अधिक से अधिक वैक्सीनेशन तीसरी लहर आने से पूर्व करवाया जाए। मास्क व अन्य प्रोटोकॉल की बात भी सभी ने दोहराई।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तो अपने चिर परिचित अंदाज में कोरोना को बहुरूपिया बताते हुए कहा कि तीसरी वेव आएगी या नहीं, कह नहीं सकते पर इससे बचने के उपाय तो करने ही है उसके लिए जनता का भी उतना ही सहयोग चाहिए जितना इस लहर से बचाव के लिए चिकित्सा संसाधनों का।
कोरोना के बदलते म्युटेंट
गहलोत ने कहा-कोरोना के म्युटेंट बदलते जा रहे हैं। डेल्टा वैरियंट ने दूसरी लहर में मृत्यु दर बढ़ा दी, यह बहुत घातक था। पहली वेव में तो लग रहा था कि भारत और आसपास के देशों में इम्युनिटी ज्यादा थी, इस वजह से असर नहीं हुआ। दूसरी लहर ने हिलाकर रख दिया, ऑक्सीजन के लिए हाहाकार मच गया। कई जगह अस्पतालों में लोग मर गए। दिल्ली में जयुपर गोल्डन अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म होने से 26 लोग मर गए, एक बार तो मैं भी जयपुर का नाम सुनकर हिल गया था। कोरोना बहुरूपिया की तरह रूप बदलता है। तीसरी लहर आएगी या नहीं, किसी को नहीं पता। दूसरी लहर भी अचानक आई थी। कह रहे हैं कि तीसरी लहर बच्चों को प्रभावित करेगी।
केंद्र का अनाथ बच्चों के लिए घोषित पैकेज डिफेक्टिव
उन्होंने वैक्सीन को लेकर केंद्र के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने का जिक्र करते हुए कहा कि तब फ्री वैक्सीनेशन का फैसला हुआ। उन्होंने भारत सरकार की ओर से कोरोना से अनाथ हुए बच्चों के लिए घोषित पैकेज को भी डिफेक्टिव बताते हुए कहा कि मैं इस संबंध में पीएम से बात करूंगा। राजस्थान सरकार ने कोविड से मरने वालों के लिए पैकेज घोषित किया है, जिसमें अनाथ बच्चे विधवा को तत्काल एक लाख रुपए और मासिक पैसा देने का प्रावधान किया है। गहलोत ने यह भी दावा किया कि कोरोना की व्यवस्था राजस्थान में एक्सट्रा ऑर्डिनरी रही। राजस्थान में केवल 10 फीसदी लोगों ने ही वैक्सीन लगाने से मना किया। हमारी रोज की कैपेसिटी 15 से 20 लाख वैक्सीन रोज लगाने की है। केंद्र सरकार जब तक पूरी वैक्सीन डोज नहीं मिलेगी, तब तक इस क्षमता का क्या फायदा।
70 फीसदी वैक्सीनेशन जल्द हो
विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी ने कहा- 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों का 62 फीसदी वैक्सीनेशन करने से दूसरी वेव में इस एजग्रुप की मौतें कम हुईं। हमें लक्ष्य बनाकर वैक्सीनेशन करना होगा। उन्होंने कहा कि 70 फीसदी वैक्सीनेशन जल्द से जल्द पूरा करें, तभी हम तीसरी लहर को रोक पाएंगे।
केंद्र ने सबको वैक्सीनेट का रोडमैप ही नहीं बताया
स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने कहा कि राजस्थान सरकार वैक्सीनेशन में अव्वल है। हमारी बेवजह खूब आलोचना की गई लेकिन हमने वैक्सीनेशन की रफ्तार नहीं रुकने दी। अभी भी हम एक दिन में 15 लाख वैक्सीनेशन की क्षमता रखते हैं। केंद्र सरकार हमें कम से कम 60 लाख वैक्सीन की डोज तो एडवांस दे। चार दिन का कोटा एडवांस रहेगा, तभी हम बेहतर तरीके से लगातार वैक्सीनेशन कर सकेंगे। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर कह रहे हैं कि दिसंबर तक सबको वैक्सीनेट कर देंगे, लेकिन रोडमैप अब तक नहीं बताया।
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एक्सपर्ट बोले – लॉकडाउन हटने के बाद भी कोविड प्रोटोकॉल का पालन जरुरी
सीएम के कोरोना कोर कोर ग्रुप से जुड़े एक्सपर्ट डॉ. वीरेंद्र सिंह ने कहा- तीसरी वेव में दो तीन माह का हमें वक्त मिला है। जिस तरह हेलमेंट एक्सीडेंट से नहीं मौत से बचाता है, उसी तरह वैक्सीन कोरोना संक्रमण से नहीं मौत से बचाता है। इस वक्त में हमें ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगा देनी चाहिए।
राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ सांइसेज के कुलपति डॉ. राजाबाबू पंचार ने कहा कि तीसरी लहर से बचने के अभी से इंतजाम करने होंगे। अगर हम यहां सामाजिक, धार्मिक गेदरिंग करेंगे और सोशल डिस्टेंसिंग की पालना नहीं करेंगे, मास्क नहीं लगाएंगे तो तीसरी वेव को न्यौता देंगे।
इसी तरह सुधीर भंडारी ने कहा, अभी खतरा टला नहीं है। हमारे देश में डेल्टा वेरियंट का असर है। अगर आप वैक्सीन लगाए हुए हैं तो डेल्टा वेरियंट के बावजूद खतरा कम हो जाता है। लॉकडाउन हटने के बाद अब भी हमें कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना है।
ऑक्सीजन के लिए भीख का कटोरा लिए दिल्ली में घूमते रहे
मुख्यमंत्री की वीसी में सबसे अधिक केन्द्र पर यूडीएच मंत्री शांंति धारीवाल बरेसे और ओरोप लगाया कि राजस्थान को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं दी, जबकि एक भीख का कटोरा लिए दिल्ली में इसके लिए धूमते रहे। कोरोना के राजस्थान प्रबंधन की सराहना करते हुए धारीवाल ने यूपी सरकार को भ्ीा निशाने पर लिया और कहा कि हमारी तैयारी नहीं होती तो नदियों में लाश तैरती मिलती।
