जयपुर : राजस्थान हाईकोर्ट ने सांगानेर तहसीलदार रहीं अस्मिता सिंह के निलंबन को बरकरार रखते हुए 26 अक्टूबर 2021 के रेट के उस आदेश को रद्द कर दिया है जिसमें उनके 4 अक्टूबर 2021 के निलंंबन आदेश पर स्टे दिया गया था। वहीं राजस्थान हाईकोर्ट ने रेट को छूट दी है कि वह स्टे एप्लीकेशन या अपील पर दोनों पक्षों को सुनवाई का मौका देते हुए नए सिरे से आदेश जारी कर सकता है। राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस महेन्द्र गोयल ने यह निर्देश राज्य के प्रमुख राजस्व सचिव व जिला कलेक्टर की याचिका पर दिया।
राज्य सरकार ने याचिका में कहा कि रेट ने प्रार्थिया की अपील में स्टे ऑर्डर देने से पहले उनका पक्ष सुना ही नहीं, जाे न्यायिक सिद्दांतों का उल्लंघन है। इसलिए रेट का आदेश रद्द किया जाए। हाई कोर्ट ने याचिका मंजूर करते हुए रेट का आदेश रद्द कर दिया। दरअसल जिला कलेक्टर अंतर सिंह मेहरा ने सांगानेर तहसीलदार अस्मिता सिंह को भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों के चलते 4 अक्टूबर के आदेश से निंलबित कर दिया था। इसे अस्मिता सिंह ने रेट में चुनौती दी। जिस पर रेट ने 26 अक्टूबर के आदेश से निलंबन आदेश पर स्टे देते हुए प्रार्थिया को मौजूदा जगह पर ही काम करते रहने का निर्देश दिया था।
