जयपुर: ना पूछो मेरी मंजिल कहां है? सीएम अशोक गहलोत ने राज्य का बजट पेश करते हुए शायराना अंदाज में पूर्व मुख्यमंत्री को इंगित करते हुए कहा, वसुंधरा जी आपसे प्रेरणा लेकर बोलना सीखा है… फिर कहा…मत पूछो कि मेरी मंजिल कहा है,अभी तो मैंने सफ़र का इरादा किया है…ना हारूंगा होसला जिन्दगीभर,यह मैंने किसी से नहीं अपने आप से वादा किया है…। गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे बजट पेश करते समय कई बार शेरो—शायरी भी बोलती रही हैं।
राजनीति में घुर विरोधी माने जाने वाले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बीच पहले भी हंसी ठिठोली होती रही है। इसी विधानसभा सत्र के दौरान राज्यपाल के अभिभाषण के बाद राजे और गहलोत में हंसी—मजाक हुआ था। जिसमें दोनों नेता अपने हाथों की रेखाएं एक—दूसरे से लम्बी होने का दावा कर रहे थे। इसके अलावा भी समय—समय पर दोनों राजनेता एक—दूसरे की चुटकी लेते रहे हैं।
