जयपुर: जयपुर नगर निगम ग्रेटर से निलंबित हुए मेयर सौम्या गुर्जर के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट 28 जून को अपना फैसला सुनाएगा। मेयर के साथ निलंबित हुए तीन अन्य पार्षदों के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट में आज होने वाली सुनवाई 1 जुलाई तक के लिए टल गई। कोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब पेश करने के लिए 1 जुलाई का समय दिया है। इस फैसले के बाद ही सौम्या के साथ-साथ कार्यवाहक मेयर शील धाभाई के भाग्य का भी फैसला होगा। सौम्या गुर्जर के निलंबन के बाद राज्य सरकार ने शील धाभाई को कार्यवाहक मेयर के तौर पर नियुक्त किया था।
4 जून को नगर निगम मुख्यालय में आयुक्त के साथ हुए विवाद के दूसरे दिन यानी 6 जून को सरकार ने सौम्या गुर्जर को मेयर पद के अलावा 3 अन्य पार्षद अजय सिंह, पारस जैन और शंकर शर्मा को निलंबित कर दिया था। सरकार के इसी फैसले को सौम्या गुर्जर ने राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती थी, जिस पर 14 जून को हुई सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
पार्षदों ने निलंबन खिलाफ याचिका दायर की
इधर तीनों पार्षदों ने निलंबन मामले में हाईकोर्ट की खंडपीठ में याचिका दायर करते हुए निलंबन को गलत बताया है। इन तीनों की याचिकाओं में नगरपालिका अधिनियम की धारा 39 के प्रावधानों की वैधानिकता को चुनौती दी और कहा कि उनका निलंबन अवैध है। इसलिए उनके निलंबन के आदेश को रद्द कर उन्हे बहाल किया जाए।
