करौली : हाल ही में बाड़ी विधायक गिर्राज मलिंगा को धमकी देने के वीडियो शेयर करने के बाद चर्चा में आए डकैत जगन गुर्जर को करौली पुलिस ने सोमवार को मासलपुर के जंगल से गिरफ्तार कर लिया। डकैत पर पुलिस ने 50 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। पिछले कई दिनों से क्षेत्र में जगन गुर्जर के आत्मसमर्पण को लेकर चर्चाएं चल रही थी। जगन गुर्जर पर राजस्थान, एमपी सहित कई राज्यों के विभिन्न थानों में 121 से अधिक मामले दर्ज हैं। करौली एसपी शैलेंद्र सिंह इंदौलिया ने बताया कि डकैत जगन गुर्जर बीहड़ों में फरारी काट रहा था। जगन गुर्जर (42) को मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ राजस्थान, मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों के विभिन्न थानों में प्रकरण दर्ज हैं। वह पहले चार बार सरेंडर कर चुका है।
एसपी इंदौलिया ने बताया कि पुलिस महानिरीक्षक भरतपुर के निर्देशन में धौलपुर, करौली, भरतपुर सहित विभिन्न थानों की पुलिस जगन गुर्जर की तलाश कर रही थी। डकैत की गिरफ्तारी में नादौती थाने के कॉन्स्टेबल राजेश सिंह, कुंवर सिंह तथा भरतपुर के कांस्टेबल पुनीत कुमार की विशेष भूमिका रही है। डकैत जगन गुर्जर के तीन और भाई हैं, इनमें लाल सिंह गुर्जर सबसे बड़ा है। पान सिंह गुर्जर एवं पप्पू गुर्जर छोटे हैं। पप्पू गुर्जर धौलपुर जिला कारागार में बंद है। पानसिंह गुर्जर को आजीवन कारावास की सजा मिली हुई है, लेकिन पैरोल पर बाहर बताया जा रहा है। लाल सिंह गुर्जर के खिलाफ भी संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। इन सब भाइयों में जगन गुर्जर एवं पप्पू गुर्जर सबसे खूंखार अपराधी हैं।
मामले ने पकड़ा था राजनीतिक तूल
डकैत जगन गुर्जर के बड़ी विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा के खिलाफ वीडियो शेयर करने के बाद जिले में राजनीतिक हमले में शुरू हुए थे। विधायक मलिंगा ने डकैत जगन गुर्जर द्वारा वीडियो शेयर करने के मामले में भाजपा के पूर्व विधायक जसवंत सिंह गुर्जर एवं मुरैना के पूर्व मंत्री एदल सिंह कंसाना पर आरोप लगाए थे। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के नेता एक दूसरे पर हमले कर रहे थे।
