जयपुर। राज्य सरकार ने प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं को सुचारू रूप से आयोजित करने के उद्देश्य से सम्पूर्ण परीक्षा प्रक्रिया का विस्तृत अध्ययन कर सुधारात्मक सुझाव देने के लिए उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस विजय कुमार व्यास की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। इस समिति में पूर्व आईपीएस अधिकारी एवं आरपीएससी के पूर्व चेयरमैन महेन्द्र कुमावत सदस्य होंगे तथा प्रमुख शासन सचिव कार्मिक सदस्य सचिव होंगे। यह समिति विभिन्न बिंदुओं पर अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट 45 दिवस में देगी।
समिति विभिन्न परीक्षाओं के प्रश्न बैंक के निर्माण, प्रश्न पत्र तैयार करने, प्रिटिंग की प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा एवं गोपनीयता का उच्चतम स्तर सुनिश्चित करने, प्रिंटिंग के बाद परीक्षा मुख्यालय तक प्रश्न पत्रों के पहुंचने के दौरान तथा संग्रहण केंद्र पर, संग्रहण केंद्र से परीक्षा केंद्र पहुंचने एवं उसके बाद सुरक्षा एवं गोपनीयता के संबंध में अध्ययन कर सुझाव देगी।
READ MORE : REET पेपर प्रकरण : प्रदीप पाराशर भी गिरफ्तार
इसके साथ ही समिति परीक्षा केंद्र स्थापित करने के लिए आधारभूत संरचना, परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्र की सुरक्षा एवं गोपनीयता के मापदण्ड तथा उपाय के संबंध में सुझाव देगी। परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र आवंटन की वस्तुनिष्ठ एवं पारदर्शी प्रक्रिया, परीक्षा के लिए जिला समन्वयक, परीक्षा केंद्र अधीक्षक, सुपरवाइजर, एवं परीक्षा वीक्षक की भूमिका एवं दायित्वों के स्पष्ट निर्धारण तथा किसी भी तरह की कोताही की स्थिति में अनुशासनात्मक कार्यवाही के संबंध में सुझाव देगी। इसके अलावा समिति परीक्षा सम्पन्न होने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं के गोपनीयतापूर्वक आयोग या बोर्ड तक परिवहन, उत्तर पुस्तिकाओं की जांच एवं परिणाम जारी होने तक पूर्ण सुरक्षा, गोपनीयता एवं पारदर्षिता के संबंध में भी सुझाव देगी।
