जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के तीसरी लहर में बिना वैक्सीनेशन बच्चों को बचा नहीं पाने वाले बयान पर सियासत शुरू हो गई है। भाजपा ने गहलोत पर गैर जिम्मेदार होने के साथ प्रदेश में पैनिक फैलाने का आरोप लगाया है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने ट्वीट कर गहलोत पर निशाना साधा है।
सतीश पूनिया ने कहा है, “हम बच्चों को बचा नहीं पाएंगे” यह कहकर मुख्यमंत्री जी न केवल अपने गैर जिम्मेदार होने का प्रमाण दे रहे हैं, बल्कि प्रदेश में पैनिक क्रिएट कर रहे हैं। देश के डॉक्टर संक्रमण के घातक ना होने के संकेत कर रहे हैं और यदि तीसरी लहर आती है तो आपकी प्रदेशवासियों को बचाने की क्या तैयारी है?
इच्छा शक्ति खो चुके:CM
पूनिया ने कहा कि मुख्यमंत्री भरोसा दिलाते कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जाएगा जिससे लोगों का मनोबल बढ़ता।मुख्यमंत्री जी, लगता है कि आप कोरोना के प्रबंधन और राज करने की इच्छा शक्ति खो चुके हैं। यह बयान कांग्रेस के टूलकिट के संदर्भ की ओर इशारा कर रहा है।
गांववालों पर ही जिम्मेदारी डालकर पल्ला नहीं झाड़ सकते
पूनिया ने कहा कि मुख्यमंत्री ‘मेरा गांव-मेरी जिम्मेदारी’ कहकर सिर्फ गांववालों पर ही जिम्मेदारी डालकर पल्ला नहीं झाड़ सकते। क्या स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिये मुखिया के नाते उनकी ‘मेरा राज्य-मेरी जिम्मेदारी’ नहीं है? क्या राज्य के सीएचसी-पीएचसी की व्यवस्थाओं को चिकित्सा संसाधनों के साथ मजबूत करना, गांवों में टेस्टिंग व दवाइयां पहुंचाना, चिरंजीवी योजना को निजी अस्पतालों में धरातल पर लागू करना, ये सब मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी नहीं है?
CM गहलोत का सोशल मीडिया पर बयान
सीएम अशोक गहलोत ने कल सोशल मीडिया पोस्ट करके वैक्सीन का इंतजाम नहीं होने पर बच्चों को बचा नहीं पाने का बयान दिया था। गहलोत ने लिखा था, ‘130 करोड़ आबादी वाले हमारे देश में जल्दी ही सभी के लिए वैक्सीन का इंतजाम नहीं हुआ और कोरोना की तीसरी लहर ने बच्चों को अपनी चपेट में ले लिया तो ऑक्सीजन और दवाइयों की कमी से जो स्थिति दूसरी लहर में बनी उससे कई गुना बदतर हालात तीसरी लहर में बनेंगे और हम बच्चों को बचा नहीं पाएंगे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को आंकडे़बाजी छोड़कर राज्यों को अधिकाधिक वैक्सीन उपलब्ध करना सुनिश्चित करना चाहिए। यदि तीसरी लहर ने बच्चों को प्रभावित किया तो देश कभी माफ नहीं करेगा।’
