जयपुर : REET परीक्षा से जुड़े कर्मचारी और संस्थान हड़ताल नहीं कर पाएंगे। सरकार ने हड़ताल, कार्य बहिष्कार पर रोक लगा दी है। REET पर राजस्थान एसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट (RESMA) लगाने को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंजूरी दे दी है। REET को अत्यावश्यक सेवा के दायरे में ले लिया है। मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद गृह विभाग रेस्मा लागू करने के आदेश जारी कर रहा है। इससे अब REET से जुड़े संस्थानों में हड़ताल पर रोक लग जाएगी।
परीक्षा के बीच हड़ताल रोकने के लिए लिया फैसला
REET परीक्षा पूरी होने तक रेस्मा लागू रहेगा। रेस्मा लागू होने के बाद रीट परीक्षा से जुड़े शिक्षा विभाग, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, रीट के सेंटर वाले निजी स्कूल के कर्मचारी हड़ताल नहीं कर सकेंगे। किसी भी तरह का कार्य बहिष्कार और हड़ताल गैर कानूनी मानी जाएगी। हड़ताल करने वालों को पुलिस बिना वारंट गिरफ्तार कर जेल भेज सकती है। REET परीक्षा में करीब 23 लाख विद्यार्थी भाग ले रहे हैं, प्रदेश भर में सेंटर बनाए गए हैं। परीक्षा के बीच हड़ताल रोकने के लिए सरकार ने इसे रेस्मा में लेने का फैसला किया है।
राजस्थान एसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट, 1970 के प्रावधानों के अनुसार सरकार लोगों से जुड़ी सेवाओं को अत्यावश्यक सेवा घोषित करती है। सरकार किसी भी सेवा पर एक बार में 6 माह तक रेस्मा लागू कर सकती है। छह माह बाद चाहे तो रेस्मा की अवधि को बढ़ाया जा सकता है। अत्यावश्यक सेवा घोषित होने पर उस पर रेस्मा के प्रावधान लागू हो जाते हैं।
