जयपुर/कोटा। ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री रमेश चन्द मीना ने कहा कि ग्रामीण विकास योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक बैठे व्यक्ति तक पारदर्शिता के साथ पहुंचे। विकास कार्यों की जानकारी ग्राम सभा से लेकर जिला परिषद की बैठकों में जन-प्रतिनिधियों को दी जाकर उनका प्रचार-प्रसार करें। पंचायत राज मंत्री मीना जिला परिषद सभागार में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में उपस्थित जन-प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विकास पूर्ण गुणवत्ता के साथ किया जाये जिससे आने वाले समय तक लोगों को उसका लाभ मिल सकें।
उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता के साथ कार्य करते हुए निर्धारित समय में पात्रजनों को लाभ प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी यह सुनिश्चित करे कि क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता की मॉनिटरिंग करते हुए निर्धारित समय पर पूरी की जायें। उन्होंने मनरेगा, आवास योजना एवं ग्रामीण विकास कार्यों के प्राप्त होने वाले प्रस्तावों को पंचायत समिति से जिला परिषद तक सात दिवस में स्वीकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्य का भौतिक सत्यापन, गुणवत्ता जांच के बाद ही भुगतान किया जाये। विकास कार्यों की जानकारी स्थानीय जन-प्रतिनिधियों से लेकर विधायकगणों को समय पर दी जाये जिससे उसके बारे में फीडबैक आ सके।
पंचायत राज मंत्री ने मनरेगा में मानव दिवस सृजन की संख्या बढ़ाने, व्यक्तिगत लाभ के कार्यों को शामिल करने तथा सभी ग्राम पंचायतों में एकरूपता से कार्य स्वीकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रास्तों के पक्का करने में ग्रेवल एवं अन्य सामग्री की आवश्यकता के लिए स्थानीय जन-प्रतिनिधियों द्वारा दिये गए सुझावों को शामिल कर सुधार करें। उन्होंने कहा कि नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम से मनरेगा की उपस्थिति की मॉनिटरिंग करते हुए महिला मेट को भी काम पर लगाए जिससे अन्य महिलाएं प्रेरित हों। उन्होंने मनरेगा कार्यों में टास्क के अलावा कार्यों में दिव्यांगों को भी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अन्य विभागों में कन्वर्जन के कार्यों की भी निरंतर मॉनिटरिंग कर गुणवत्ता जांच के बाद ही भुगतान करने के निर्देश दिए।
धरातल पर दिखाई दे सफाई व्यवस्था
उन्होंने आवास योजनाओं में स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय पर पूरा कराने, छत लेवल तक आवास का कार्य होने पर ऑनलाईन पोर्टल पर फीडिंग कराने तथा सभी पात्र नागरिकों को पारदर्शिता से लाभ प्रदान करने के निर्देश दिए। स्वच्छता अभियान की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि जहां-जहां सामुदायिक शौचालय बनाये गये हैं उनमें नियमित साफ-सफाई व रख-रखाव की व्यवस्था की जाये। ओडीएफ प्लस गांवों में तरल, ठोस कचरा प्रबंधन की व्यवस्था के साथ सम्पूर्ण गांव में पानी की निकासी व साफ-सफाई के प्रयास धरातल पर भी दिखाई दें।
जन-प्रतिनिधियों के सुझाव लें
राजीव गांधी जल संचय योजना के कार्यों की समीक्षा करते हुए पंचायत राज मंत्री ने कहा कि कार्यों की जानकारी स्थानीय जन-प्रतिनिधियों को दी जाकर उनके सुझाव लिये जाये। कार्यों को क्लब कर उनकी गुणवत्ता की नियमित जांच कर इस प्रकार का निर्माण करायें कि वास्तविक रूप से जल संरक्षण की कल्पना साकार हो सकें। उन्होंने अन्य विभागों के द्वारा किये जा रहे कार्यों की भी जांच कर भौतिक सत्यापन व गुणवत्ता के बाद भुगतान करने के निर्देश दिए।
महिलाएं बने आत्मनिर्भर
पंचायत राज मंत्री मीना ने कहा कि राजीविका में महिलाओं को रोजगार के साथ आर्थिक स्वावलम्बन की दिशा में किए गए कार्य धरातल पर दिखाई दें। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को स्वावलम्बी व आत्मनिर्भर बनाना हैं, महिला समूहों को कृषि एवं पशुपालन पर आधारित कार्यों में क्लस्टर बनाकर तकनीकी रूप से भी ज्ञानवर्धन करें। उन्होंने सांगोद क्षेत्र में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में डेयरी के क्षेत्र में चल रहे क्लस्टर की जानकारी जन-प्रतिनिधियों को भी देने, महिलाओं को कृषि के क्षेत्र में मूल्य संवर्धन, गैर कृषि के क्षेत्र में मूर्ति निर्माण, दस्तकारी आदि कार्यो में भी समूह बनाकर प्रेरित करने के निर्देश दिए।
पंचायत राज मंत्री ने राजीव गांधी जल संचय योजना में किए कार्यों, ओडीएफ किए गांवों में सफाई व्यवस्था, मनरेगा में लाईन डिपार्टमेंट द्वारा किए गए कार्यों की गुणवत्ता की जांच के लिए जिला कलक्टर को सार्वजनिक निर्माण विभाग, सिंचाई एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की समिति बनाकर जांच करवाने के निर्देश दिए। जिसके बाद ही भुगतान की कार्यवाही की जायेगी।
जन-प्रतिनिधियों ने दिए सुझाव
पीपल्दा विधायक रामनारायण मीणा ने वन क्षेत्र में बसे हुए गांवों में आधारभूत सुविधाओं के विकास में आ रही परेशानी के बारे में बताते हुए कहा कि फॉरेस्ट राईट एक्ट अथवा डायवर्जन के प्रस्ताव बनाकर मूलभूत सुविधाएं प्रदान की जायें। उन्होंने सांगोद, इटावा क्षेत्र में बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त आवासों के लिए विशेष प्रावधान कर वंचित परिवारों को आवास स्वीकृत कराने, राजीविका, मनरेगा एवं ग्रामीण विकास की योजनाओं के संबंध में भी सुझाव दिये।
विधायक रामगंजमण्डी मदन दिलावर ने विकास योजनाओं की जानकारी स्थानीय जन-प्रतिनिधियों को नियमित रूप से देने, खनन क्षेत्रों में बसे गांवों में भूमिहीन परिवारों को आवास व भूखण्ड स्वीकृत करने, ग्रामीण क्षेत्रों में साफ-सफाई के विशेष इंतजाम कर राशि का प्रावधान करने का सुझाव दिया। उन्होंने वन क्षेत्रों में बसे हुए गांवों एवं आवासीय पट्टे वितरण से शेष गांवों के लिए कार्ययोजना बनाकर वंचित लोगों को मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने की बात कही।
कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा ने विधायक, सांसद निधि के विकास कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा कराने, विधायक निधि के अभिशंषा की गई कार्यों की समय पर स्वीकृति जारी करने की बात कही। जिला कलक्टर हरिमोहन मीना ने कहा कि सभी कार्यों को निर्धारित समय में गुणवत्ता के साथ पूरा कराया जायेगा। सीईओ जिला परिषद ममता तिवाड़ी ने ग्रामीण विकास योजनाओं की बिन्दुवार जानकारी दी। इस अवसर पर जिला प्रमुख मुकेश कुमार मेघवाल, उप जिला प्रमुख कृष्ण गोपाल अहीर, प्रधान लाड़पुरा नईमुद्दीन गुड्डू, सांगोद जयवीर सिंह, इटावा रिंकू कुमार, खैराबाद कलावति, सुल्तानपुर कृष्णा शर्मा, अधिकारीगण में आयुक्त मनरेगा अभिषेक भगोतिया, राजीविका के समन्वयक हरदीप सिंह चौपड़ा, सोमदत्त दीक्षित सहित सभी विकास अधिकारी, संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
